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अभिभावकों और स्कूलों के बीच अब वीडियो वॉर

फीस मामले में सोशल साइट पर वायरल किए जा रहे हैं स्कूलों के वीडियोअपने बचाव के लिए स्कूलों में सीसी कैमरों के फुटेज का सहारा

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सूरत.

स्कूल फीस का मामला और गंभीर हो गया है। अब अभिभावक और स्कूल संचालक एक-दूसरे के वीडियो बनाने लगे हैं। अभिभावक वीडियो को सोशल साइट पर वायरल कर रहे हैं तो शहर के एक स्कूल ने फुटेज के आधार पर अभिभावक के खिलाफ पुलिस से शिकायत की है।

सरकार, जिला शिक्षा अधिकारी और एफआरसी से स्कूल फीस का मामला सुलझ नहीं रहा है। अभिभावक फीस नहीं भरना चाहते तो स्कूल संचालक फीस छोडऩा नहीं चाहते। अभिभावक और स्कूल संचालक शिक्षा विभाग से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी तक एक-दूसरे की शिकायत कर चुके हैं। शिकायतों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने पर अब अभिभावकों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया है। स्कूल में फीस के मामले को लेकर विवाद होने पर वह संचालकों और शिक्षकों के वीडियो बना रहे हैं। यह वीडियो सोशल साइट पर वायरल किए जा रहे हैं। इसमें अन्य अभिभावकों से भी साथ देने की अपील की जा रही है।

अभिभावक वीडियो बनाकर स्कूल संचालकों पर उनके साथ बदसलूकी का आरोप लगा रहे हैं। ऐसी कई शिकायतें पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में की गई हंै। इसके जवाब में स्कूल संचालक अपने सीसी कैमरों के फुटेज पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को दिखाकर अपना बचाव कर रहे हैं। एक संचालक ने स्कूल में हुए विवाद का फुटेज पुलिस को दिया है। फुटेज के आधार पर अभिभावकों के खिलाफ की गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने अभिभावकों को पूछताछ के लिए बुलाया।

सीबीएसई की मान्यता नहीं और वसूली जा रही है फीस
शहर के कई सीबीएसई स्कूल भी अभिभावकों पर फीस भरने का दबाव बना रहे हैं। इनमें कई स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास फिलहाल सीबीएसई की मान्यता नहीं है। सीबीएसई की वेबसाइट पर शहर के कई स्कूलों की मान्यता समाप्त हो गई है। मान्यता नहीं होने के बावजूद नया शैक्षणिक सत्र शुरू कर दिया गया और जबरन फीस भी वसूली जा रही है। फीस के मामले को लेकर पिछले शैक्षणिक सत्र से जो विवाद शुरू हुआ, वह अभी तक समाप्त नहीं हुआ है। अभिभावकों को लगा था कि साल के अंत तक पिछले शैक्षणिक सत्र में भरी गई फीस में से आधे रुपए वापस मिल जाएंगे या नए शैक्षणिक सत्र की फीस में समायोजित हो जाएंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। नए शैक्षणिक सत्र के साथ स्कूलों ने अभिभावकों पर फीस भरने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इनमें कई सीबीएसई स्कूल शामिल हैं। जब वेबसाइट पर इन स्कूलों की मान्यता की जांच की गई तो पता चला कि इनकी मान्यता समाप्त हो चुकी है। इस बारे में अभिभावकों को जानकारी नहीं है। स्कूल का एफिलिएशन नंबर वेबसाइट पर डालने पर उनकी मान्यता की अवधि समाप्त होने की जानकारी मिल रही है। मान्यता नहीं होने के वाबजूद स्कूलों ने नए प्रवेश दे दिए और शैक्षणिक सत्र शुरू कर दिया। जिन्होंने फीस जमा नहीं की, उनके बच्चों को स्कूल से निलंबित करने की कार्रवाई की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ऐसे मामले में सीबीएसई के अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।