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VNSGU : वरियाव कॉलेज में प्रवेश पर रोक नहीं : हाइ कोर्ट

- परीक्षा केंद्र को लेकर विश्वविद्यालय कर सकता है कार्रवाई
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सूरत

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Divyesh Kumar Sondarva

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Updated: 26 Sep 2018, 9:07 PM IST

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VNSGU : वरियाव कॉलेज में प्रवेश पर रोक नहीं : हाइ कोर्ट

सूरत.

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय को वरियाव कॉलेज के मामले में उच्च न्यायालय की ओर से आदेश जारी किया गया है। अदालत ने वरियाव कॉलेज में प्रवेश पर किसी तरह की रोक नहीं लगाने के साथ कॉलेज के परीक्षा केन्द्र पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत पर वरियाव कॉलेज के साथ विवाद शुरू हुआ था। विश्वविद्यालय परीक्षा के दौरान वरियाव कॉलेज में नकल के कई मामले सामने आते रहे हैं। साथ ही कॉलेज प्रशासन के साथ कई विश्वविद्यालय पदाधिकारियों की अन-बन है। आरोप है कि यह पदाधिकारी कॉलेज को प्रवेश प्रक्रिया से बाहर करने का प्रयास करते रहते हैं। कुलपति ने 2018-19 की प्रवेश प्रक्रिया से वरियाव कॉलेज को बाहर कर दिया था। इस मामले में कॉलेज प्रशासन ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय ने इस मामले में विश्वविद्यालय को आदेश जारी किया है। अदालत का कहना है कि नकल के मामले में कॉलेज के परीक्षा केंद्र को लेकर विश्वविद्यालय अपने नियमों के अनुसार कार्रवाई कर सकता है, लेकिन नकल के मामलों को लेकर प्रवेश पर रोक नहीं लगा सकता। इस आदेश के बाद कॉलेज प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

कुलपति के खिलाफ अदालत में याचिका
परीक्षा, प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिका, अंकतालिका और प्रवेश को लेकर कई विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय और कुलपति के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की थी। अब सिंडीकेट सदस्य भावेश रबारी ने अपनी पीएचडी थीसिस को लेकर कुलपति के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी कारणों से कुलपति ने उनकी थीसिस को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने नियम के अनुसार पीएचडी के लिए रिसर्च की, कोर्स वर्क किया, पेपर प्रस्तुत कर थीसिस पूर्ण की। इसमें छह साल का समय लगा। थीसिस को जब विश्वविद्यालय प्रशासन में जमा करवाया गया तो कुलपति ने उसे स्वीकारने से मना कर दिया। भावेश ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के मामलों को लेकर वह बार-बार अपील करने जाते हैं, जो विश्वविद्यालय प्रशासन को पसंद नहीं है।

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