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VNSGU :  महज हस्ताक्षर ने अटकाया संशोधित पाठ्यक्रम

- विश्वविद्यालय के हिन्दी पाठ्यक्रम में गलतियों की भरमार- सुधार के लिए भेजे नए प्रपोजल पर अभी तक आट्र्स संकाय डीन ने नहीं किए हस्ताक्षर- सुधार किया हुआ पाठ्यक्रम विद्यार्थी तक नहीं पहुंचा - विद्यार्थी और शिक्षक हो रहे परेशान
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सूरत

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Divyesh Kumar Sondarva

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Updated: 11 Aug 2018, 10:56 PM IST

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VNSGU :  महज हस्ताक्षर ने अटकाया संशोधित पाठ्यक्रम

सूरत.

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के हिन्दी पाठ्यक्रम की रूपरेखा में तमाम गलतियां होने का आट्र्स संकाय के सदस्यों को पता भी चल गया और उसमें सुधार भी कर दिया गया। वहीं, आट्र्स संकाय के डीन के हस्ताक्षर नहीं करने से संशोधित पाठ्यक्रम अभी तक जारी नहीं हो पाया है। गलतियों से युक्त पाठ्यक्रम का खामियाजा विद्यार्थियों और शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक माह से अधिक हो चुका है।
शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले सभी संकायों की बैठक होती है। इसमें किस वर्ष में कितना पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा, इसका फैसला किया जाता है। संकाय के सदस्य मिलकर साल भर का पाठ्यक्रम तैयार करते हैं और उसी के अनुसार परीक्षा ली जाती है। पाठ्यक्रम तैयार होने के बाद सभी संबद्ध महाविद्यालयों में उसे भेजा जाता है, ताकि शिक्षक और विद्यार्थी पाठ्यक्रम से अवगत हो जाएं। वेबसाइट पर भी इसे जारी किया जाता है, ताकि स्वयंपाठी विद्यार्थी इसे देखकर परीक्षा की तैयारी कर सकें। विश्वविद्यालय के द्वितीय वर्ष सेमेस्टर-3 के पाठ्यक्रम के ढांचे में तमाम गलतियां हैं। इस कारण विद्यार्थी और शिक्षक परेशान हो रहे हैं।

- लेखक और प्रकाशन के नाम गलत
द्वितीय वर्ष सेमेस्टर-3 का जारी पाठ्यक्रम में किताबों के लेखकों के नाम तथा विषय की संदर्भ पुस्तकों के लेखकों के नाम गलत छपे हैं। कई कविताओं के शीर्षक भी गलत छपे हैं। कई प्रश्नों के सामने किताबों का नाम भी गलत लिखा है। इसलिए यह किताबें विद्यार्थियों को नहीं मिल रही हैं। इन गलतियों के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्वयंपाठी विद्यार्थी को हो रही है। कॉलेज में पढऩे वाले विद्यार्थी शिक्षकों की सहायता से गलतियों को समझकर सुधार लेते हैं, लेकिन स्वयंपाठी छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

- सुधार दिया, लेकिन जारी नहीं किया
इन गलतियों के बारे में हिन्दी के प्राध्यापकों को जानकारी मिली तो उन्होंने संकाय की बैठक में इस बारे में चर्चा की। सभी ने मिलकर पाठ्यक्रम में छपी गलतियों में सुधार किया। संशोधित पाठ्यक्रम आट्र्स संकाय के डीन के समक्ष भेज दिया गया है, लेकिन संकाय की डीन के हस्ताक्षर नहीं करने से अभी तक संशोधित पाठ्यक्रम जारी नहीं हो पाया है। संशोधित पाठ्यक्रम जल्द जारी नहीं हुआ तो विद्यार्थियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

- परीक्षा में होगी दिक्कत
पाठ्यक्रम सुधार कर जारी नहीं किया गया तो परीक्षा में बड़ी दिक्कत हो जाएगी। कविताओं, लेखक, प्रकाशन आदि के नाम गलत छपे हैं। ऐसे में पेपर बनाने वाले शिक्षकों को दुविधा होगी। गलती की सबसे भारी कीमत अंत में विद्यार्थी को ही चुकानी पड़ेगी। या तो उसके अंक कम आएंगे या फिर पेपर नहीं लिख पाने के कारण वह फेल हो जाएगा।

सुधार कर जल्द जारी होगा
हिन्दी प्राध्यापकों से इस संदर्भ में चर्चा हुई है। गलतियां जरूर हुई हंै, इसमें सुधार किया जा रहा है। सुधार कर इसे जल्द जारी किया जाएगा। विद्यार्थियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
- हेमाली देसाई, डीन, आट्र्स संकाय, वीएनएसजीयू

कब से डीन को भेज दिया गया है
जो गलतियां थी, उसमें सुधार कर काफी दिन पहले आट्र्स डीन को भेज दिया गया है। गलतियां पता चलने पर सुधार किया गया था। डीन के हस्ताक्षर ही बाकी हैं। हस्ताक्षर होते ही सबको संशोधित किया हुआ भेजा जा सकता है।
मधु वासावा, बोर्ड चेयरमैन, आट्र्स संकाय, वीएनएसजीयू

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