14 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ट्रेनी IPS पर 1 करोड़ रिश्वत लेने का आरोप! CBI कोर्ट का नोटिस, ASI-आरक्षक पर गिरी गाज

CBI Court Notice: सरगुजा में ट्रेनी IPS राहुल बंसल पर 1 करोड़ रुपये रिश्वत लेने के आरोपों के बाद मामला CBI कोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने नोटिस जारी किया है, जबकि वायरल ऑडियो मामले में एक ASI और एक कॉन्स्टेबल को लाइन अटैच किया गया है।
2 min read
Google source verification
Trainee IPS Rahul Bansal

Trainee IPS Rahul Bansal: 1 करोड़ का 'रिश्वत कांड'(photo-patrika))

Trainee IPS Rahul Bansal: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में ट्रेनी आईपीएस और अंबिकापुर सीएसपी राहुल बंसल पर एक साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये रिश्वत लेने के आरोपों ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में CBI की विशेष अदालत में परिवाद दायर होने के बाद कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। वहीं वायरल ऑडियो प्रकरण में ASI प्रवीण कुमार राठौर और कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा को पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है।

Ambikapur CSP: CBI कोर्ट में परिवाद, FIR दर्ज करने की मांग

हरियाणा निवासी आकाश कुमार ने आरोप लगाया है कि साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान उन पर दबाव बनाकर 1 करोड़ रुपये रिश्वत ली गई। शिकायत में दावा किया गया है कि यह रकम हवाला के जरिए पहुंचाई गई और इसमें साइबर सेल के ASI प्रवीण कुमार राठौर तथा कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा ने कथित तौर पर बिचौलिए की भूमिका निभाई।

शिकायतकर्ता ने पहले CBI से शिकायत की थी। FIR दर्ज नहीं होने पर उन्होंने CBI स्पेशल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट में दायर परिवाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7A तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायत के साथ शपथ-पत्र, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की गई हैं।

वायरल ऑडियो के बाद ASI और कॉन्स्टेबल लाइन अटैच

मामले से जुड़े कथित ऑडियो वायरल होने के बाद सरगुजा रेंज के आईजी दीपक कुमार झा ने ASI प्रवीण कुमार राठौर और कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा को लाइन अटैच कर दिया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक ट्रेनी IPS राहुल बंसल के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सामने नहीं आया है।

IG बोले- राहुल बंसल के खिलाफ कोई सबूत नहीं

आईजी दीपक कुमार झा ने बताया कि साइबर ठगी के मामले की जांच CSP राहुल बंसल के नेतृत्व में की जा रही थी। आरोपी पक्ष की शिकायत के बाद पुलिस ने अपना जवाब CBI को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि 1 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन के समर्थन में शिकायतकर्ता से साक्ष्य मांगे गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस सबूत उपलब्ध नहीं कराया गया है।

20 लाख की साइबर ठगी से जुड़ा है पूरा मामला

यह पूरा मामला अंबिकापुर के एक क्रशर संचालक द्वारा दर्ज कराई गई साइबर ठगी की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, 'मनी ट्रेड 365' और 'स्काई ट्रेड' नामक ऐप के जरिए शेयर ट्रेडिंग के नाम पर उनसे 20.15 लाख रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने BNS और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर अब तक 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

रिश्वत मांगने के आरोप और आगे की सुनवाई

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जांच में राहत देने और जल्द चालान पेश करने के बदले 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई। आरोप है कि रकम हवाला के जरिए 50-50 लाख रुपये की दो किश्तों में ली जानी थी। वहीं, वायरल ऑडियो में कॉन्स्टेबल द्वारा मोबाइल दुकान पर पैसे छोड़ने की बात भी सामने आई है। फिलहाल मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को CBI की विशेष अदालत में होगी। वहीं पुलिस विभाग और न्यायालय की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।