
Trainee IPS Rahul Bansal: 1 करोड़ का 'रिश्वत कांड'(photo-patrika))
Trainee IPS Rahul Bansal: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में ट्रेनी आईपीएस और अंबिकापुर सीएसपी राहुल बंसल पर एक साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये रिश्वत लेने के आरोपों ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में CBI की विशेष अदालत में परिवाद दायर होने के बाद कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। वहीं वायरल ऑडियो प्रकरण में ASI प्रवीण कुमार राठौर और कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा को पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है।
हरियाणा निवासी आकाश कुमार ने आरोप लगाया है कि साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान उन पर दबाव बनाकर 1 करोड़ रुपये रिश्वत ली गई। शिकायत में दावा किया गया है कि यह रकम हवाला के जरिए पहुंचाई गई और इसमें साइबर सेल के ASI प्रवीण कुमार राठौर तथा कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा ने कथित तौर पर बिचौलिए की भूमिका निभाई।
शिकायतकर्ता ने पहले CBI से शिकायत की थी। FIR दर्ज नहीं होने पर उन्होंने CBI स्पेशल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट में दायर परिवाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7A तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायत के साथ शपथ-पत्र, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की गई हैं।
मामले से जुड़े कथित ऑडियो वायरल होने के बाद सरगुजा रेंज के आईजी दीपक कुमार झा ने ASI प्रवीण कुमार राठौर और कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा को लाइन अटैच कर दिया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक ट्रेनी IPS राहुल बंसल के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सामने नहीं आया है।
आईजी दीपक कुमार झा ने बताया कि साइबर ठगी के मामले की जांच CSP राहुल बंसल के नेतृत्व में की जा रही थी। आरोपी पक्ष की शिकायत के बाद पुलिस ने अपना जवाब CBI को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि 1 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन के समर्थन में शिकायतकर्ता से साक्ष्य मांगे गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस सबूत उपलब्ध नहीं कराया गया है।
यह पूरा मामला अंबिकापुर के एक क्रशर संचालक द्वारा दर्ज कराई गई साइबर ठगी की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, 'मनी ट्रेड 365' और 'स्काई ट्रेड' नामक ऐप के जरिए शेयर ट्रेडिंग के नाम पर उनसे 20.15 लाख रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने BNS और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर अब तक 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जांच में राहत देने और जल्द चालान पेश करने के बदले 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई। आरोप है कि रकम हवाला के जरिए 50-50 लाख रुपये की दो किश्तों में ली जानी थी। वहीं, वायरल ऑडियो में कॉन्स्टेबल द्वारा मोबाइल दुकान पर पैसे छोड़ने की बात भी सामने आई है। फिलहाल मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को CBI की विशेष अदालत में होगी। वहीं पुलिस विभाग और न्यायालय की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
Updated on:
14 Aug 2026 02:54 pm
Published on:
14 Aug 2026 02:53 pm
