
यहां नाग के आसन पर बैठे हैं शिव-पार्वती, साल में सिर्फ एक दिन 24 घंटे के लिए खुलता है यह मंदिर
वैसे तो भारत में नागदेव के कई मंदिरें है, उन में से एक है उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर ( nagchandreshwar temple )। इस मंदिर की खास बात यह है कि इसका पट साल में एक दिन खुलते हैं, वो भी नाग पंचमी के दिन 24 घंटे के लिए। इस बार नाग पंचमी ( Nag Panchami 2019 ) 5 अगस्त को है। ऐसे में इस मंदिर के पट 4 अगस्त की रात 12 बजे खुल जाएंगे और 5 अगस्त की रात 12 बजे तक दर्शन होंगे।
रात 12 बजे खुलेंगे पट
नाग पंचमी के दिन विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर ( mahakaleshwar ) के शिखर पर स्थित नागचंद्रेश्वर महादेव का पट रविवार-सोमवार की मध्य रात्रि 12 बजे खुल जाएंगे। परंपरा के अनुसार, पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत नागचंद्रेश्वर महादेव का प्रथम पूजन करेंगे। इसके बाद मंदिर का पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
नाग आसन पर बैठे हैं शिव-पार्वती
इस मंदिर में शिव-पार्वती फन फैलाए नाग के आसन पर बैठे हैं। बताया जाता है कि यह प्रतिमा नेपाल से यहां लाई गई थी। कहा तो ये भी जाता है कि ऐसी प्रतिमा उज्जैन के अलावा दुनिया में कहीं भी नहीं है। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन खुद नागदेव इस मंदिर में मौजूद रहते हैं।
नागचंद्रेशवर की मनमोहक प्रतिमा है
नाग पंचमी के दिन यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे और नागचंद्रेशवर की मनमोहक प्रतिमा का दर्शन करेंगे। शेषनाग के आसन पर विराजित शिव-पार्वती की सुंदर प्रतिमा के दर्शन कर श्रद्धालु स्वयं को धन्य मानते हैं। यह प्रतिमा शिव-शक्ति का साकार रूप है।
Published on:
01 Aug 2019 02:14 pm
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