मंदिर के फैक्ट्स-
1. मंदिर की 40 फीट ऊंचाई वाले चार स्तम्भ हैं। गर्भगृह की अधूरी बनी छत इन्हीं चार स्तंभों पर टिकी है।
2. भोजेश्वर मंदिर के विस्तृत चबूतरे पर ही मंदिर के अन्य हिस्सों, मंडप, महामंडप तथा अंतराल बनाने की योजना थी।
3. ऐसा मंदिर के निकट के पत्थरों पर बने मंदिर-योजना से संबद्ध नक्शों से पता चलता है।
4. यहां वर्ष में दो बार वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है जो मकर संक्रांति व महाशिवरात्रि पर्व के समय होता है। वहीं सावन के सोमवार को भी जहां भक्तों की जमकर भीड़ उमड़ती है।
5. महाशिवरात्रि पर यहां तीन दिवसीय भोजपुर महोत्सव का भी आयोजन किया जाता है।
6. भोजपुर शिव मंदिर के बिलकुल सामने पश्चमी दिशा में एक गुफा है जो कि पार्वती गुफा के नाम से जानी जाती है।
यहां पुरातात्विक महत्तव की अनेक मुर्तियां हैं।
7. भोजपुर में एक अधूरा जैन मंदिर भी है।
8. इस मंदिर में भगवन शांतिनाथ की 6 मीटर ऊंची मूर्ति है।
9. इस मंदिर में लगे एक शिलालेख पर राजा भोज का नाम लिखा है।
10. सावन महीने में भी भक्त यहां शिव जी की पूजा करने आते हैं।