US Open : ग्रैंडस्लैम हारने के बाद अंपायर से भिड़ी सेरेना, कहा झूठा और चोर

जापान की नाओमी ओसाका ने यूएस ओपन के फाइनल में 6 बार की चैम्पियन अमेरिका की सेरेना विलियम्स को हरा दिया। इस जीत के साथ ओसाका ग्रैंडस्लैम जीतने वाली जापान की पहली महिला खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने सेरेना को सीधे सेटों में 6-2, 6-4 से हरा दिया। हार से बौखलाई सेरेना ने अंपायर पर लैंगिक भेदभाव का आरोप भी लगा डाला।

Siddharth Rai

September, 0912:36 PM

नई दिल्ली। 23 बार की ग्रैंडस्लैम चैंपियन अमेरिका की दिग्गज टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स एक बार फिर विवादों में हैं। यूएस ओपन का ख़िताब हरने के बाद सेरेना होना आपा खो बैठीं और अंपायर से जा कर भिड़ गई। जापान की नाओमी ओसाका ने यूएस ओपन के फाइनल में 6 बार की चैम्पियन अमेरिका की सेरेना विलियम्स को हरा दिया। इस जीत के साथ ओसाका ग्रैंडस्लैम जीतने वाली जापान की पहली महिला खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने सेरेना को सीधे सेटों में 6-2, 6-4 से हरा दिया। हार से बौखलाई सेरेना ने अंपायर पर लैंगिक भेदभाव का आरोप भी लगा डाला।

कोच के इशारे के चलते लगाया जुर्माना
दरअसल यूएस ओपन के फाइनल मुकाबले में ओसाका ने पहला सेट आसानी से जीत लिया। दूसरे सेट में सेरेना वापसी की कोशिशें कर रही थीं तभी उनके कोच पर हाथ से इशारा करने का आरोप लगा। जिसके चलते सेरेना पर एक एक गेम का जुर्माना लगा। चेयर अंपायर ने कोच को इशारे करते पकड़ा और उनकी इस हरकत को नियमों का उल्लंघन बताया। जिसके बाद सेरेना अपना आपा खो बैठीं और रैकेट को ज़मीन पर जोर से पटक दिया। सेरेना ने गुस्से में अंपायर को कथित रूप से चोर भी कहा। मैच के बाद इस मामले पर सेरेना ने कहा मैं यूएस ओपन के फ़ाइनल में बेईमानी नहीं कर रही थी। मुझ पर एक गेम का जुर्माना लगाना लैंगिक भेदभाव है। यही मुकाबला अगर पुरुषों के बीच हो रहा होता तो अंपायर 'चोर' कहने पर कभी एक गेम का जुर्माना नहीं लगाते। मैं पुरुष खिलाड़ियों को अंपायर को कई बातें कहते सुन चुकी हूं। मैं यहां महिलाओं के अधिकार और पुरुषों से उनकी बराबरी के लिए लड़ रही हूं।"

 

बाद में मांगी माफ़ी
बाद में सेरेना ने अंपायर से माफ़ी भी मांगी। उन्होंने अंपायर से कहा मैं आपसे माफी मांगती हूं। मैंने कभी बेईमानी नहीं की। मेरी एक बेटी है और मैं उसके सामने एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करना चाहती हूं। बेईमानी के बजाय मैं मैच हारना पसंद करूंगी।" मैच के दौरान सेरेना के कोच पैट्रिक मोराटोग्लू ने हाथ से कुछ इशारा किया। बता दें मैदान पर खेल के दौरान कोचिंग देना माना और साथ ही ग्रैंडस्लैम के नियमों का उल्लंघन भी। लेकिन सेरेना ने चेयर अंपायर के पास जाकर कहा कि वो केवल मनोबल बढ़ा रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि वो जानती हैं कि ग्रैंडस्लैम प्रतियोगिताओं में खेल के दौरान कोचिंग नहीं ले सकते इसलिए वो ऐसा नहीं करेंगी।

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