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ओटीपी की समस्या के बाद अब पोर्टल पर गिरदावरी कॉलम में दिखाई नहीं दे रही फसलें

समर्थन मूल्य के लिए पंजीयन कराने में किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले नए सॉफ्टवेयर में ओटीपी के नहीं आने की समस्या थी। अब पॉर्टल पर गिरदावरी कॉलम में फसलें और खसरा भी दिखाई नहीं दे रहा है।

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 200 centers were set up instead of 60, only 7 thousand were registered in 15 days

200 centers were set up instead of 60, only 7 thousand were registered in 15 days

टीकमगढ़. समर्थन मूल्य के लिए पंजीयन कराने में किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले नए सॉफ्टवेयर में ओटीपी के नहीं आने की समस्या थी। अब पॉर्टल पर गिरदावरी कॉलम में फसलें और खसरा भी दिखाई नहीं दे रहा है। १५ दिनों में २०० पंजीयन केंद्रों पर 7 हजार की पंजीयन हो पाए है। ५ मार्च मार्च तक पूर्ण पंजीयन होने की संभावनाएं दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि विभाग पंजीयन की तारीख बढ़ाने का दावा कर रहे है।
किसान रघुवीर यादव, प्रेमपाल यादव, रोहित सिंह यादव, राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि पंजीयन केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का पंजीयन धीमी गति से चल रहा है। १५ दिनों में 7 हजार के करीब पंजीयन हो पाए है। किसानों का कहना था कि पंजीयन केंद्र वालों ने बताया था कि पहले नए सॉफ्टवेयर में ओटीपी की समस्याएं बनी थी। अब गिरदावरी कॉलम में किसानों की नई फसलों क ा रकबा दिखाई नहीं दे रहा है। जिसके कारण किसानों का पंजीयन कार्य प्रभावित हो रहा है। जिसके कारण किसानों को बगैर पंजीयन कराए वापस घर लौटना पड़ रहा है। किसान रामेश्वर लोधी और रामनरेश यादव का कहना था कि शुरुआत में अन्य समस्याएं बनी थी बाद भी फिं गर प्रिंट के ऑप्सन से पंजीयन कार्य शुरु किया गया है। ५ मार्च पंजीयन किए जाने की अंतिम तिथि है। पॉर्टल की रफ्तार कम होने के कारण पंजीयन कम होने की संभावना बनी हुई है।

पिछले वर्ष ६० बनाए गए थे पंजीयन केंद्र, इस वर्ष २०० बनाए
खाद अधिकारी का कहना था कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य के तहत पंजीयन कराने के लिए ६० से अधिक केंरद्र बनाए गए थे। इस वर्ष 7० केंद्र लोक सेवा के साथ अन्य और सीएससी केंद्रों को भी बनाया गया । जिले में २०० पंजीयन केंद्र बनाए गए है। प्रत्येक केंद्र पर पंजीयन कराए जा रहे है। उसके बाद भी १५ दिनों में 7 हजार पंजीयन हो पाए है। किसानों की संख्या कम होने के कारण विभाग की चिंता बढ़ गई है।
इन केंद्रों पर किए जाएगें पंजीयन
५ फरवरी से ५ मार्च तक गेहूं, सरसों की फसलों के लिए समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी के लिए पंजीयन किए जा रहे है। सहकारी संस्था, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय, सुविधा केंद्र, एमपी ऑनलाइन, सीएससी कियोस्क सेंटरों पर सुविधाएं दी गई है। कियोस्क केंद्रों पर ५० रुपए का शुल्क तय किया है। लेकिन गिरदावरी और नवीन सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने के कारण समस्याएं बनी है। खाद विभाग के अधिकारी का कहना था कि पंजीयनों में सीएससी केंद्र पर समस्या बनी है।
यह आ रही समस्या
५ फरवरी से नया सॉफ्टवेयर पुराने पंजीयनों को नहीं ले रहा था। इसके साथ ही नए पंजीयन कराने पर ओटीपी नहीं दे रहा है। उसके बाद खाद विभाग ने ऑनलाइन शिकायत की। फिर सुधार करके फिंगर प्रिंट लगवाएं गए फिर पंजीयन करना शुरु कर दिया। अब पॉर्टल धीमा चल रहा है। गिरदावरी एप पर फसलें और खसरा दिखाई नहीं दे रहा है। जहां किसानों को दिन-दिन भर इंतजार करना पड़ रहा है।
बंद हो रही साइट, वापस लौट रहे किसान
किसान अरवेंद्र सिंह राजपूत और मानक लाल ने बताया कि पंजीयन कराने के लिए सीएससी केंद्र पहुंचे, जहां पर ऑपरेटर ने साइट बंद बताई। उसके बाद लोकसेवा केंद्र पहुंचे तो गिरदावरी पर फसल और खसरा दिखाई नहीं दे रहा है। अब एमपी ऑनलाइन केंद्र पर जा रहा हूं, शायद पंजीयन हो जाए। पंजीयनों को लेकर समस्याएं बनी हुई है। लेकिन यह समस्याएं कोई सुनने वाला नहीं है।
इनका कहना
पहले समस्याएं आई थी, वह समस्या फिंगर प्रिंट के माध्यम से सही हो गई है। गिरदावरी और खसरा दिखाई नहीं दे रहा है। वह सीएससी केंद्र पर नहीं होगा। अन्य स्थानों पर हो पंजीयन हो जााएगा। पंजीयन कराने के लिए सर्च करना जरुरी है। जिसके बाद सफलता मिल रही है। इस वर्ष जिले में २०० पंजीयन केंद्र बनाए गए है। पंजीयन करने की तारीख भी बढ़ सकती है। इस बार गेहूं की फसले भी कम है।
सीताराम कोठारे जिला खाद अधिकारी टीकमगढ़।