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गजरथ पर सवार होकर निकले भगवान श्रीजी

पंचकल्याणक और त्रय गजरथ महोत्सव का समापन

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Closing of Panchkalyanak and Triad Gazharath Festival

Closing of Panchkalyanak and Triad Gazharath Festival

टीकमगढ़. सिद्धतीर्थ अहार में चल रहे पंचकल्याणक और त्रय गजरथ महोत्सव का गुरुवार को विधिवत समापन हो गया। महोत्सव के अंतिम दिवस सुबह से मोक्ष कल्याणक मनाया गया। साथ ही अभिषेक, शांतिधारा, नित्मह पूजन व आचार्य श्री का पूजन हुआ। इसके बाद आचार्य विनिश्चय सागर महाराज के आशीर्वचन, विश्व शांति महायज्ञ, पूर्णाहुति, हवन, विसर्जन और श्रीजी का विहार हुआ। इसके अलावा दोपहर के समय विधि विधान से कई धार्मिक कार्यक्रम संपन्न कराए गए। त्रय गजरथ के साथ परिक्रमा की गई।
कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी अनिल जैन बताया कि इस महोत्सव में बुंदेलखण्ड सहित प्रदेश भर से हजारों की संख्या में जैन समाज के लोग और क्षेत्र भर से आए लोग शामिल हुए। दोपहर के समय शुरू हुई गजरथ परिक्रमा में सभी जैन श्रद्धालु खासे उत्साहित दिखे। नाचते-गाते ढोल बजाते और डीजे पर बज रहे भक्तिमय गीतों पर सभी श्रद्घालु जमकर थिरके। युवा, बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं गजरथ परिक्रमा को लेकर काफी उत्साहित रहीं। सभी श्रद्घालु पंक्तिबद्ध कतार में गजरथ परिक्रमा में शामिल हुए। गजरथ परिक्रमा के साथ इस मोक्ष कल्याणक और प्रतिष्ठा महोत्सव का विधि विधान से समापन हुआ।
बुंदेलखंड की धर्मनगरी टीकमगढ़ जिले के सिद्धतीर्थ अहार में नव निर्मित मान स्तम्भ में जिनबिम्ब स्थापना के लिए जिनबिम्बों की प्रतिष्ठा, पंचकल्याणक एवं त्रय गजरथ महोत्सव गणाचार्य विराग सागर महाराज के मंगल आशीर्वाद से उनके शिष्य आचार्य विनिश्चय सागर महाराज ससंघ मंगल सान्निध्य में विधिविधान से संपन्न हुआ। दोपहर करीब दो बजे से गजरथ परिक्रमा शुरू हुई जो करीब 3 घंटे तक चली। इस दौरान समाज की महिलाएं अपने हाथों में धर्म ध्वज लेकर चल रही थीं और युवा जयघोष चल रहे थे।
गजरथ महोत्सव की साक्षी बनी जनता
अहार में चल रहे गजरथ महोत्सव को लेकर क्षेत्र भर से लोग गजरथ परिक्रमा देखने के लिए मैदान पहुंचे। मैदान पर चारों तरफ महिला पुरुषों और युवाओं की भीड़ बनी रही।
मैदान पर लगा मेला
प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर कार्यक्रम परिसर में मेला का भी आयोजन हुआ। जहां छोटे-छोटे दुकानदारों ने अपनी दुकाने लगाई। इस मेले में क्षेत्र भर से आए लोगों ने सामान की खरीदारी की और मेले का जमकर लुत्फ उठाया। बच्चे भी खिलौने और अन्य सामान खरीदते दिखे।
पुख्ता रही प्रशासन की व्यवस्था
गजरथ महोत्सव को लेकर पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रही। इस महोत्सव में चारों ओर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा की दृष्टि से सभी कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी निभाई।
सात दिन तक चले मांगलिक अनुष्ठान
महोत्सव के तहत सात दिनों तक धार्मिक और मांगलिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। महोत्सव में 25 जनवरी को घट यात्रा एवं ध्वजारोहण का आयोजन किया गया। इसके बाद गर्भ कल्याणक पूर्व रूप का आयोजन हुआ। इसी क्रम में महोत्सव में गर्भ कल्याणक उत्तर रूप, जन्मकल्याणक, तप कल्याणक, ज्ञान कल्याणक का आयोजन हुआ। इसके बाद गुरुवार को मोक्षकल्याणक सहित कई अन्य धार्मिक अनुष्ठान हुए। क्रियाएं प्रतिष्ठा आचार्य पंडित सनत कुमार, विनोद कुमार जी जैन रजवांस वालों के द्वारा करवाई गई।