9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

कपासी और जतारा में कुत्तों का आतंक, अब तक सैकड़ों लोगों को किया घायल

कुत्तों को मोहल्ला से दूर करते रहवासी।

2 min read
Google source verification
कुत्तों को मोहल्ला से दूर करते रहवासी।

कुत्तों को मोहल्ला से दूर करते रहवासी।

आवारा कुत्तों की संख्या बढऩे से लोग परेशान, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

टीकमगढ़. गांव के साथ नगर में आवारा कुत्तों का आतंक है। मुख्य सडक़ें हो या फि र गली मोहल्ले हर जगह कुत्तों का झुंड देखा जा सकता है। लोग बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने से डर रहे है, क्योंकि कई को कुत्ते शिकार बना चुके है। दो दिन गुरुवार को कपासी और शुक्रवार को जतारा में सैकड़ों लोगों को घायल कर चुके है। इनके काटने से जिले में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में आंकड़े बढ़ रहे है। इसके बावजूद जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।


स्थानीय लोगों ने बताया कि कुत्तों की समस्या पहले भी थी, लेकिन कुछ दिन से आतंक बहुत बढ़ गया है और साथ में इनकी संख्या भी। कपासी और जतारा नगर में में चर्चा है कि दूसरे जगह के कुत्ते अधिक दिखाई दे रहे है। लोगों ने बताया कि कुत्ते एक दूसरे पर भी हमला कर रहे है। रात में इनके भौंकने की आवाज से लोगों की नींद भी खराब हो रही है। इन्हें पकडऩे के लिए वर्तमान में नगर परिषद और नगर पालिका के पास कोई व्यवस्था नहीं है। लोगों ने बताया कि जिम्मेदारेां के पास कुत्तों को पकडऩे का साधन नहीं है।

जिला अस्पताल में हर महीने ८०० और स्वास्थ्य केंद्रों में १०० से अधिक आ रहे मामले
जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ अकुर साहू ने बताया कि सर्प को छोड़ कुत्ते, बंदर के साथ अन्य के काटने वाले मरीजों की संख्या एक महीने में ८०० से अधिक का आंकड़ा जिला अस्पताल में पहुंच जाता है। लोगों ने बताया कि बड़ागांव धसान, बुडेरा, बल्देवगढ़, खरगापुर, पलेरा, जतारा, लिधौरा, बम्होरीकलां, दिगौड़ा, मोहनगढ़ के साथर््ा अन्य स्थानों के अस्पतालों में भी एक हजार से अधिक कुत्तों को काटने का इलाज करने के लिए उपचार किया जाता है।

कपासी में ५० से अधिक और जतारा में दर्जनों को किया हमला
बताया गया कि गुरुवार को पलेरा के कपासी गांव में एक कुत्ते ने पचास से अधिक लोगों को काट लिया है। शुक्रवार को जतारा नगर में एक कुत्ते ने आधा दर्जन से अधिक पर हमला कर दिया और जगह-जगह दातों के निशान बना दिए। कुत्तों को देख अपनी जान बचाने के लिए ग्रामीण और नगरी क्षेत्री में निवास करने वाले लोगों में दहशत हो गई है। अपनी जान बचाने के लिए कई लोग भाग रहे है तो कई लोग कुत्तों को खदेड़ रहे है। वहीं पीछे से कई लोग लाठियां लेकर उसे मारने के लिए दौड़ रहे है। कई लोग उसे पागल कुत्ता कर रहे है।

कुत्ते के काटने से यह करें उपाय
कुत्ते के काटने वाले घाव को साबुन और गर्म पानी से लगभग 5 मिनट तक धोएं, घाव को एंटीसेप्टिक सॉल्यूशन जैसे डिटॉल या सेवलॉन से साफ करें। अगर घाव गहरा है, तो साबुन से धोने के बाद बिटाडीन और एंटीबायोटिक मरहम लगाए।
घाव को साफ बैंडेज से ढक ले। सूजन और दर्द को कम करने के लिए ठंडी पैक का इस्तेमाल करें। दर्द निवारक दवाएं लें। तुरंत सरकारी अस्पताल जाएं और डॉक्टर की सलाह के मुताबिक एंटी रेबीज वैक्सीन के साथ टेटनस और रेबीज की वैक्सीन लगवाएंगे

इनका कहना
कुत्ते काटने के बाद घबराएं नहीं तत्काल अस्पताल जाकर पहले टीटीडी का इंजेक्शन, पहले दिन और तीसरे तीन एक वैक्सीन, 7 दिन और 28 दिन के बाद इंजेक्शन लगवाए। इन इंजेक्शन से काटने वाले कुत्ते के वायरस को रोका जा सकता है।
डॉ संजय कुशवाहा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा।

पागल कुत्तों को पकडवाने के लिए नपा के कर्मचारियों की ड्यूटी लगवाई जाएंगी। जिससे वह दूसरों को घायल नहीं कर पाए।
रामस्वरूप पटैरिया, सीएमओ जतारा।