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कोर्ट में पेश हुए भगवान राधा-कृष्ण, जज ने पहले किया प्रणाम फिर शुरू की कार्रवाई, देखें VIDEO

मध्यप्रदेश में अनोखा मामला, कोर्ट में साक्ष्य के रूप में लाई गई भगवान राधा-कृष्ण की मूर्ति...।

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कोर्ट में पेश हुए भगवान राधा-कृष्ण, जज ने पहले किया प्रणाम फिर शुरू की कार्रवाई, देखें VIDEO

कोर्ट में पेश हुए भगवान राधा-कृष्ण, जज ने पहले किया प्रणाम फिर शुरू की कार्रवाई, देखें VIDEO

निवाड़ी/पृथ्वीपुर। क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए बुधवार का दिन कुछ अलग ही था। पृथ्वीपुर किले के पास स्थित प्राचीन मंदिर के बिहारी जू सरकार की मूर्तियां बुधवार को कोर्ट में पेश हुईं। कोर्ट में पहुंचते ही जज स्वयं बाहर आए, भगवान को प्रणाम किया फिर कार्रवाई शुरू की। वे दो घंटे तक कोर्ट में ही रहे। इसके बाद बिहारी जू को ससम्मान मंदिर में विराजमान करने के लिए आदेश दे दिया गया।

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जानकारी के मुताबिक पृथ्वीपुर के पुराना बाजार में बिहारी जू का प्राचीन मंदिर है। यहां जनवरी 2009 में चोरी हुई थी। चोर आभूषण के साथ राधा कृष्ण की प्रतिमा भी ले गए थे। बाद में पुलिस ने घटना का खुलासा कर चोरी के आरोपी के कब्जे से प्रतिमाओं को बरामद कर लिया था। तब दोनों प्रतिमाएं मंदिर के पुजारी बृजेंद्र महाराज की सुपुर्दगी में दे दी गई थीं। इस मामले में चार आरोपियों पर चोरी का प्रकरण चल रहा है। इसलिए साक्ष्य और सत्यापन के लिए कोर्ट से प्रतिमाओं को लाने के निर्देश दिए गए थ। जिसकी बुधवार 8 जनवरी को पेशी थी।

मामले में शासकीय अभियोजक विकास गर्ग ने बताया कि सिमरा में बिहारी जी के मंदिर में 14 जनवरी 2009 में भगवान राधाकृष्ण की मूर्ति चोरी हो गई थी। कोर्ट में साक्ष्य के रूप में मूर्तियों को प्रदर्शित होना था। जिसके लिए न्यायालय के आदेश पर मंदिर के पुजारी भगवान राधाकृष्ण का सिंहासन सहित एक चार पहिया गाड़ी में रखकर न्यायालय लाया गया। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने बाहर आकर पहले भगवान बिहारीजू को नमन किया। न्यायाधीश ने भगवान की मूर्तियों का सत्यापन कर मूर्तियों को यथास्थान रखने का आदेश जारी कर दिया।

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आदर के साथ किया अवलोकन
बिहारी जू जैसे ही अदालत परिसर में अपने भक्तों के साथ पहुंचे, जज आरएस दोहरे स्वयं उठकर बाहर आए और उन्होंने अपने जूते उतारकर भगवान को प्रणाम किया। इसके बाद बारीकी से मूर्तियों का अवलोकन किया। कोर्ट में दो घंटे चली कार्रवाई के बाद मूर्तियों को साक्ष्य के आधार पर पेश होने के बाद यथास्थान पहुंचाने का आदेश दे दिया।