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दबंगों के डर से घोड़े पर नहीं बैठते दुल्हे, ऐसे में पुलिस के साए में निकली राछ

पुलिस के संरक्षण ग्राम मातौल में घोड़े पर बैठकर निकली दुल्हे के राछ

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Grooms do not sit on the horse for fear of bullies

Grooms do not sit on the horse for fear of bullies

टीकमगढ़. बुंदेलखंड के ग्रामीण क्षेत्र आज भी जातिवाद की बेडिय़ों से जकड़े हुए है। आलम यह है कि कुछ गांव में आज भी SC/ST वर्ग के लोग विवाह में घोड़े पर नहीं बैठ पाते है। ऐसे में कुड़ीला थाना क्षेत्र के ग्राम मातौल में शुक्रवार को पुलिस ने अपने संरक्षण में एक दुल्हे को घोड़े पर बैठाकर उसकी राछ पूरे गांव में निकलवाई।

बताया जा रहा है कि मातौल निवासी हरदयाल अहिरवार की शुक्रवार को बारात जानी थी। बारात जाने के पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में दुल्हे की राछ निकाली जाती है। इसमें दुल्हा घोड़े पर बैठकर पूरे गांव में निकालता है और उसका जगह-जगह टीका किया जाता है। इसके साथ ही वह गांव के मंदिर एवं देवस्थानों पर जाकर माथा टेकता है। लेकिन ग्राम मातौल में दबंगों के कारण इस समाज के लोग घोड़े पर नहीं बैठ पाते है। ऐसे में हरदयाल के परिजनों को भी डर था कि कहीं उसके दुल्हा बनकर घोड़े पर बैठने से गांव में किसी प्रकार का विवाद न हो जाए।

ऐसे में परिजनों ने पुलिस को आवेदन देकर सुरक्षा प्रदान कराने की मांग की थी। कुड़ीला थाना प्रभारी मनोज द्विवेदी ने बताया कि सुरक्षा के आवेदन पर हरदयाल के परिजनों को आवश्वासन दिया गया था कि वह पूरे सम्मान से दुल्हा बनकर गांव में निकलेगा। इसके बाद शुक्रवार को उसकी राछ निकलने पर यहां पर 15 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। गांव में पहुंची पुलिस के साए में ही हरदयाल की राछ पूरे गांव में निकली और लोग देखते रह गए। ग्राम मातौल का यह पहला मामला था कि जब किसी दुल्हा की राछ में पुलिस बल तैनात किया गया हो। थाना प्रभारी द्विवेदी का कहना था कि यह गांव बहुत ही संवेदनशील है और यहां पर पूर्व में इस प्रकार की शिकायतें सामने आ चुकी है। ऐसे में दुल्हे और उसके परिजनों को सुरक्षा प्रदान की गई थी। इस राछ की चर्चा पूरे जिले में की जा रही है।