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यहां छोडा जा रहा पानी अलर्ट पर प्रशासन

बानसुजारा और माताटीला से आ रहा सैलाब

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matateela aur bansujara me aaya pani jari kiya alert

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टीकमगढ़..जिले के बानसुजारा बांध से पानी छोडे जाने और धसान नही के उफान पर आने की संभावना के चलते शुक्रवार का दिन भय और निगरानी में बीता। धसान नही किनारे बसे गॉवों को अलर्ट जारी करने से ग्रामीणों को चिंता रही कि पानी छोडे जाने पर नदी का बहाव कहां तक जाता है,वही अधिकारियों के द्वारा निर्धारित क्षमता तक बांध के हालात के साथ ही अन्य जिलो से आने वाले पानी की निगरानी की गई। देर शाम पर्यटन नगरी ओरछा में भी अलर्ट जारी किया गया। उप्र के माताटीला बांध से ५ लाख क्यूसेक पानी छोडे जाने की खबर के बाद बेतवा किनारे बसे गॉवों में अलर्ट जारी करने के साथ ओरछा नगर के लोगो को नही की ओर न जाने की चेतावनी दी गई।


ओरछा में भी रहा अलर्ट
प्रदेश की राजधानी भोपाल में तीन दिन से हो रही तेज बारिश के कारण बेतवा नदी पर बने बांधों का जलस्तर बढ़ गया है। इस कारण माताटीला बांध से पाँच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से बेतवा नदी का जलस्तर बढ सकता है। बेतवा नदी में माताटीला बांध से पानी छोडे जाने की सूचना आने पर शुक्रवार शाम को प्रशासन ने अलर्ट जारी कर नदी किनारे किसी भी व्यक्ति के जाने पर रोक लगा दी। माताटीला डेम से पानी छोडे जाने की जानकारी मिलने पर निवाडी कलेक्टर के आदेश पर स्थानीय पुलिस व नगर परिषद प्रशासन ने बेतवा नदी किनारे जाकर अलर्ट की जानकारी दी।

जो पर्यटक बेतवा नदी के उस पार घूमने गए हैं ,उनको माइक द्वारा वापिस आने की सूचना दी गई । साथ ही नदी किनारे दुकानदारों को भी जल्द दुकानें हटाकर नदी से दूर रहने की हिदायत दी गई है । शाम के समय माताटीला डैम से पानी छोडे जाने पर रात करीब 12 बजे तक ओरछा स्थित बेतबा और जामनी नदी के पुलों पर पानी आ सकता है ।

जिले के एकमात्र बांध बानसुजारा बांध में पर्याप्त पानी आने से प्रबंधन ने अलर्ट जारी कर दिया है। जिससे इन गांवों के लोग खासे सहमे हुए है। यहां तक कि आधिकारियों ने बानसुजारा बांध में डेरा जमा लिया है। बांध में जलस्तर को लेकर नजरें बनाए हुए है। जलस्तर के निश्चित स्तर से आगे जाते ही फाटक खोलकर पानी को डिस्चार्ज किया जाएगा।

बांधसुजारा बांध परियोजना के कार्यपालन यंत्री ए के दीक्षित के अनुसार इस वर्ष बांध के केचमेंट एरिया में 150 एमसीएम पानी संग्रह करने के निर्देश है। बांध की कुल भराव क्षमता 280.80 एमसीएम है। जिसमे करीब 150 एमसीएम पानी का भराव हो चुका है। विदिशा रायसेन सागर क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण धसान नदी से बांध में लगातार जलस्तर बढ़ता जा रहा है।

150 एमसीएम से अधिक पानी को छोडऩे के लिए प्रबंधन ने शुक्रवार को पूरी तैयारी कर ली थी। अलर्ट भी जारी किया गया था। दोपहर 12.30 बजे बांध से पानी छोडऩे का समय तय किया गया था। इसके बावजूद शाम तक पानी नही छोड़ा गया। कार्यपालन यंत्री दीक्षित ने बताया कि जलस्तर की निरंतर निगरानी की जा रही है । क्षमता से अधिक पानी होने पर गेट खोले जाएंगे।

डिजायर्ट लेवल बढ़ते ही खुलेंगे गेट
सूत्रों के मुताबिक मानसून लगातार सक्रिय होने के बाद असमान बारिश का प्रभाव ज्यादा देखने को मिल रहा है। जिसमें कहीं ज्यादा बारिश तो कही कहीं बारिश हो रही है। बानसुजारा बांध से जुड़ी धसान नदी में चार जिलों में हुई बारिश से आवक तेज हो गई है।

जैसे बांध का स्तर बढऩे लगता है वैसे ही गेटों से पानी को छोड दिया जाता है। गुरूवार से लगातार बडे जलस्तर को लेकर प्रबंधन ने भराव क्षमता पूरी कर अलर्ट जारी कर दिया। अब डिजायर्ट लेवल के बढ़ते ही पानी डिस्चार्ज के लिए गेट खोल दिए जांएगे।

चार जिलों की बारिश का रहता है प्रभाव
जिले की धसान नदी में सबसे ज्यादा चार जिलों में हुई बारिश का प्रभाव रहता है। जिसमें नदी की शुरूआती जिला रायसेन, बंडा, विदिशा, सागर सहित अन्य जिलों में हुई बारिश से पानी आता है। सप्ताह भर से जोरदार बारिश के बाद बांध में गुरूवार की रात पानी की आवक दर्ज की गई है।

गुरुवार की रात बांध की भराव क्षमता 150 एमसीएम तक पहुंच गई। बांधसुजारा बांध परियोजना के कार्यपालन यंत्री ए के दीक्षित कहते है कि देर रात बांध में पानी बढने से संभावित गेट खोले जा सकते है।