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MP Election 2023: टीकमगढ़, पृथ्वीपुर और खरगापुर में सीधा मुकाबला, देखें किसका बिगड़ेगा खेल

निवाड़ी और जतारा में दूसरे दलों में पहुंचे बागी बिगाड़ सकते है खेल

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भाजपा की सूची जारी होते ही टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिले की पांचों विधानसभाओं की स्थिति साफ हो गई है। दोनों पार्टियों के उम्मीदवार मैदान में आने के बाद अब मतदाताओं ने भी सभी का आंकलन शुरू कर दिया है। वहीं प्रत्याशियों ने भी टिकट वितरण के साथ क्षेत्र में दस्तक देनी शुरू कर दी है।

टिकट वितरण के बाद जो स्थित सामने आ रही है, उसमें टीकमगढ़ जिले की टीकमगढ़ एवं खरगापुर विधानसभा पर एक बार फिर से पारंपरिक तौर पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर होती दिख रही है। लोगों की माने तो खरगापुर विधानसभा में एक बार फिर से कांग्रेस की चंदा सुरेंद्र सिंह गौर और भाजपा के राहुल सिंह लोधी के बीच ही मुख्य मुकाबला होगा।

हालांकि यहां से खबरें यह भी आ रही है कि भाजपा छोड़ कर कांग्रेस का दामन थामने वाले भक्ति तिवारी को अब किसी दूसरे दल में शामिल हो सकते है। वहीं अन्य दल यहां पर कुछ खास असर डालते नहीं दिख रहे है। वहीं टीकमगढ़ में भी यही हाल है। यहां पर कांग्रेस के यादवेंद्र ङ्क्षसह बुंदेला और भाजपा के राकेश गिरि के बीच मुख्य टक्कर होगी।

पिछली बार भी इन दोनों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था। हालांकि रविवार को यहां पर भाजपा के पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। यदि वह चुनाव मैदान में आते है तो लोग इसके नफा-नुकसान लगाने में जुट गए है।

जतारा विधानसभा में इस बार वैसे तो मुख्य चुनाव भाजपा और कांग्रेस के बीच ही बताया जा रहा है, लेकिन यहां से बागी होकर दूसरे दलों में गए दोनों पार्टियों के उम्मीदवार परिणाम को प्रभावित करने वाले बताए जा रहे है। भाजपा से टिकट के लिए प्रयास कर रही अनीता प्रभुदयाल खटीक ने जतारा में आप का टिकट ले लिया है। वहीं कांग्रेस से टिकट के दावेदार आरआर बंसल समाजवादी पार्टी से मैदान में आ गए है। आरआर बंसल 2018 के चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे थे। ऐसे में यह दोनों भी चुनाव को खासा प्रभावित करेंगे।

निवाड़ी में त्रिकोणीय होगा संघर्ष

इस बार निवाड़ी जिले में त्रिकोणीय संघर्ष के आसार बनते दिख रहे है। यहां पर भाजपा ने एक बार फिर से अनिल जैन पर विश्वास जताया है। अनिल जैन यहां से तीसरी बार विधायक बनने मैदान में आए है। वहीं कांग्रेस ने इस बार भाजपा के बागी अमित राय को मैदान में उतारा है। वहीं सपा से मीरा दीपक यादव मैदान में है। मीरा दीपक यादव यहां से 2008 में अनिल जैन को चुनाव हरा कर विधायक बन चुकी है। वहीं इस बार भी वह मजबूती से दावेदारी कर रही है। ऐसे में यहां पर इस बार त्रिकोणीय संघर्ष होता दिख रहा है। बसपा से चुनाव मैदान में उतरे भाजपा के वरिष्ठ नेता अवधेश ङ्क्षसह राठौर भी यहां पर बराबरी से दम दिखा रहे है। वहीं पृथ्वीपुर विधानसभा पर इस बार फिर से कांग्रेस के नितेंद्र ङ्क्षसह राठौर और भाजपा के शिशुपाल यादव के बीच सीधी टक्कर बताई जा रही है। हालांकि यहां से अब भी दूसरे दलों ने अपने प्रत्याशी नहीं उतारे है।

टिकट वितरण के बाद पूर्व विधायक ने दिया इस्तीफा

भाजपा के टिकट वितरण के बाद अब विरोध खुल कर सामने आ गया है। पार्टी के अनदेखी के चलते और टिकट वितरण से नाराज वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अब बगावत शुरू कर दी है। रविवार को पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव ने भाजपा प्रत्याशी पर तमाम आरोप लगाते हुए जहां अपना इस्तीफा दे दिया है, वहीं टिकट के दावेदार एवं वरिष्ठ नेता भी आगे की रणनीति पर काम करते हुए अपने समर्थकों के साथ बैठक कर उनसे मशविरा किया। टीकमगढ़ के टिकट को लेकर इस बार विरोध देखा जा रहा था। निवर्तमान विधायक एवं भाजपा प्रत्याशी राकेश गिरि को लेकर संगठन से लेकर हर स्तर पर शिकायतें की गई थी। ऐसे में सभी को लग रहा था कि इस बार पार्टी टीकमगढ़ का टिकट बदलेगी, लेकिन शनिवार को जारी हुई सूची में पार्टी ने राकेश को दोबारा विधानसभा का टिकट दे दिया। इसके बाद रविवार को पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव ने अपने निवास पर पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर सभी से मंत्रणा की और अपना इस्तीफा दे दिया। उनका कहना था कि वह संघनिष्ठ और पार्टी के प्रति हमेशा समर्पित रहे है।

उमा भारती के पार्टी से निकाले जाने पर जब जिले में पार्टी की स्थिति खराब हुई तो संगठन ने उन्हें जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने पूरी जिम्मेदारी से अपना काम किया। पार्टी के प्रति समर्पण और समाजहित में किए गए काम को देखते हुए लोगों ने उन्हें नगर पालिका अध्यक्ष बनाया। वह 17 हजार वोटों से जीत कर विधायक बने और फिर उनका टिकट काट दिया। बताया गया कि सर्वे में रिपोर्ट ठीक नहीं है। क्या पार्टी मुझे बताएंगी कि इस बार की सर्वे की रिपोर्ट क्या थी। उन्होंने पार्टी के प्रदेश से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक को निशाने पर लेते हुए कहा कि सर्वे के नाम पर कार्यकर्ताओं को बनाना बंद करे। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी पर उनका नाम लिए बगैर आदिवासियों की जमीन, मिट्टी मुरम के काम एवं नगर पालिका में भ्रष्टाचार सहित अनेक आरोप लगाए। उनका कहना था कि अब सभी पार्टी कार्यकर्ता जैसा चाहेंगे वह करेंगे।

उन्होंने क्षेत्र की जनता के हित में चुनाव मैदान में उतरने का संकेत दिया है। वहीं भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री राहुल तिवारी के पिता एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र तिवारी ने भी अपने घर पर अपने समर्थकों के साथ बैठक की। यहां पर सभी ने टिकट वितरण को लेकर नाराजगी जाहिर की। साथ ही यहां पर भी विचार किया गया कि चुनाव मैंदान में आना चाहिए। विदित हो कि टीकमगढ़ के टिकट को लेकर इनके समर्थकों द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती पर सोशल मीडिया के माध्यम से आरोप लगाए जा रहे है। यदि यह दोनों नेता पार्टी का विरोध करते है तो भाजपा की राह मुश्किल हो जाएगी।