
टीकमगढ़. ऑनलाइन रिश्वत लेना पुलिस को भारी पड़ गया है, रिश्वत देने वाले ने ऑनलाइन पेमेंट का स्क्रीन शॉट लोगों को दिखाकर अपनी समस्या बताई तो पीडि़त का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, पुलिस द्वारा ऑनलाइन रिश्वत लेने का मामला एसपी तक पहुंचते ही बवाल मच गया है, बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में ऐसा ये पहला मामला है।
टीकमगढ़ कोतवाली पुलिस अब हाईटेक हो गई है। अब वह रिश्वत की राशि ऑनलाइन पेमेंट के माध्यम से सीधे खाते में ले रही है। ताजा मामला सामने आने के बाद से जहां कोतवाली में हडक़ंप मचा हुआ है वहीं एसपी प्रशांत खरे ने एसडीओपी को इसकी जांच सौंपी है।
एक रोज पूर्व राजमहल निवासी तेल व्यापारी रोहित साहू का उसके दो ग्राहक सुल्तान और मुन्ना से विवाद हो गया था। रोहित साहू से यह लोग उधार तेल लेकर गए थे। रोहित साहू इनके पास अपने रुपए लेने उनके घर पर मोटा के मोहल्ला में गया था। यहां पर इन ग्राहकों ने रुपए न देकर उसके साथ उल्टी मारपीट कर दी। पीडि़त दुकानदार अपनी फरियाद लेकर कोतवाली पहुंचा तो यहां पर एएसआई राहत खान मिले। राहत खान ने पीडि़त व्यापारी की शिकायत सुनन तो दूर उल्टा उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह हथियार लेकर उनके पास गया था। ऐसे में उन्होंने व्यापारी पर मामला दर्ज करने की धमकी दी। इस समस्या से बचने के लिए पुलिस द्वारा 30 हजार रुपए की मांग की गई और बाद में मामला 10 हजार रुपए में निपटाने को कहा गया। यह राशि कोतवाली में पदस्थ नगर रक्षा समिति के सदस्य अतुल रैकवार के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की गई। खुद को ठगा से देख पीडि़त जब परेशान था तो उसने यह व्यथा अपने कुछ लोगों को बताई और उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। साथ ही एनआरएस के सदस्य को दिए रुपयों का स्क्रीन शॉट भी सबके सामने आ गया।
दबाव बनाकर किया राजीनामा
जैसे ही सोशल मीडिया पर यह वीडियो और रुपए देने का स्क्रीन शॉट वायरल हुआ वैसे ही इन लोगों के हाथ-पैर फूल गए और व्यापारियों के करीबियों का पता लगाया गया। इसके बाद रात को ही उस पर दबाव बनाकर राजीनामा किया गया। अब व्यापारी भी अपने बयान को गुस्से में दिया गया बता रहा है तो एनआरएस के खाते में ट्रांसफर किए गए रुपयों को लेकर कुछ नहीं बता पा रहा है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
वहीं इस मामले में अब एसपी प्रशांत खरे ने एसडीओपी को जांच के आदेश दिए है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने इस पूरे मामले की जांच पांच दिनों में पूरी करने की बात कही है। एसपी खरे का कहना है कि यह गंभीर मामला है। पुलिस में इस प्रकार की कार्यप्रणाली अनुशासनहीनता है। उनका कहना है कि जांच में यदि मामला सही पाया जाता है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
03 Dec 2022 04:56 pm
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