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राम राजा मंदिर में हाईटेक होगी बिलिंग और भुगतान की सुविधा

Ram Raja Temple: विश्व प्रसिद्ध श्रीराम राजा सरकार की नगरी जहां नए स्वरूप में सामने आ रही है तो यहां की व्यवस्थाएं भी हाईटेक होती जा रही हैं।

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Tikamgarh Ram Raja Temple

Tikamgarh Ram Raja Temple (sorce: Patrika)

Ram Raja Temple: विश्व प्रसिद्ध श्रीराम राजा सरकार की नगरी जहां नए स्वरूप में सामने आ रही है तो यहां की व्यवस्थाएं भी हाईटेक होती जा रही हैं। प्रशासन द्वारा अब यहां पर दी जाने वाली सेवाओं के बदले किए जाने वाले भुगतान एवं मंदिर के आय-व्यय को पारदर्शी रखने के लिए आईटीएमएस 2.0 के तहत भुगतान की सुविधा भी शुरू की जा रही है। इसके लिए प्रबंधन यहां पर 8 मोजंबी मशीन लगाने जा रहा है। इसके बाद यहां पर बड़े मॉल में होने वाली बिलिंग के जैसी ही सुविधा श्रद्धालुओं को मिलने लगेगी।

राम राजा मंदिर ओरछा(Ram Raja Temple) की व्यवस्थाओं को अब विश्व स्तरीय किया जा रहा है। इसके तहत प्रशासन ने एनआईसी की मदद से यहां पर मिलने वाली सुविधाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक करने के लिए काम शुरू कर दिया है। यह काम देखने वाले एनआईसी के डीआईओ अविनाश पाठक ने बताया कि यहां पर पूरा काम अब एसबीआई के गेट वे से होगा और एसबीआई द्वारा मंदिर में किए जाने वाले भुगतान को श्रद्धालुओं को सुविधाजनक बनाने के लिए 8 मोजंबी मशीन प्रदान कर रहा है। इस मशीन की सुविधा से श्रद्धालुओं द्वारा जो भी सेवा ली जाएगी, उसके भुगतान के लिए मशीन की स्क्रीन पर 120 सेकेंड के लिए डायनेमिक क्यूआर कोर्ड जनरेट होगा। लोग उसे अपने मोबाइल में किसी भी यूपीआई के माध्यम से स्केन कर भुगतान कर सकेंगे। भुगतान होते ही ऑटोमेटिक पेमेंट स्लिप जनरेट होगी।

क्यूआर रीडर से होगी रीड

उन्होंने बताया कि श्रद्धालु काउंटर से जाकर सेवाओं का भुगतान करेंगे इसके बाद जहां से सेवाएं मिलनी है, वहां पर स्लिप दिखाकर सेवा का लाभ लेंगे। इसके लिए हर काउंटर पर क्यूआर रीडर मशीन भी उपलब्ध होगी। ऐसे में कर्मचारी इस स्लिप पर बने क्यूआर कोड को पढ़ सकेंगे कि इस सेवा का लाभ पहले से ही तो नहीं ले लिया गया है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अनियमितता भी नहीं होगी। साथ ही लोगों को भी किसी भी यूपीआई के माध्यम से भुगतान की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि अब तक मंदिर में क्यूआर कोर्ड एवं यूपीआई से भुगतान की सुविधा न होने से कई श्रद्धालु सेवाओं का लाभ भी नहीं ले पाते थे।

हर कोई देख सकेगा लेखा-जोखा

उन्होंने बताया कि इसमें मंदिर के एप में भी सेवा दी गई है। इस एप की सुविधा से कोई भी श्रद्धालु मंदिर में होने वाली सेवा का पूरा ब्यौरा, प्रतिदिन की आय-व्यय को देख सकता है। एक प्रकार से मंदिर की पूरी व्यवस्था पारदर्शी होगी। संभवता यह पहला मंदिर होगा, जहां के हर आय-व्यय की जानकारी हर श्रद्धालु को होगी।

परीक्षा ड्यूटी के दौरान भृत्य रामभुवन पाठक का निधन हो गया है। घटना के कारणों की जानकारी ली जा रही है। - गिरीश अग्निहोत्री, डीईओ, सतना-मैहर जिला