
rain in jodhpur, rain in winters, crops in jodhpur, jodhpur news, news in hindi
मारवाड़ में मावठ गेहूं व तारामीरा की फसल के लिए अमृत साबित हो रहा है। वहीं जीरे पर संकट के बादल छाए थे, लेकिन धूप खिलने से जोधपुर जिले में करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर में लगी जीरे की फसल बच गई है। कृषि विभाग अब किसानों को जीरे की फसल पर स्प्रे करने की सलाह दे रहा है।
जोधपुर सहित आस-पास के कुछ इलाकों में ओले गिरने से एकबारगी किसानों की चिंता बढ़ गई थी, लेकिन एक दिन पूर्व धूप खिलने से राहत मिली। अब तक सर्वे में यह सामने आया है कि गेहूं, चना, तारामीरा सहित अन्य फसलों का काफी फायदा होगा। जीरे में नुकसान की खबरों को विराम लग गया है। यह नुकसान धूप खिलने से बचा है। इससे किसान खुश हैं।
मौसम के प्रकोप से फसलें हैं सुरक्षित
जोधपुर जिले में जीरे की खेती अधिक होती है। हर बार की तरह इस बार भी जीरे की बुवाई एक लाख हेक्टेयर पार कर गई। इस बार जोधपुर जिले में जीरा 1.42 लाख हेक्टेयर में बोया गया है। वहीं गेहूं 70 हजार, तारामीरा 35 व चना 5 हजार हेक्टेयर में है। अब तक सभी फसलें मौसम के प्रकोप से सुरक्षित बताई जा रही हैं। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी रतन डागा ने बताया कि फिलहाल फील्ड में कहीं भी नुकसान की खबरें नहीं हैं।
नुकसान नहीं, जीरे पर करें स्प्रे
मावठ से अब तक किसी भी फसल में नुकसान के समाचार नहीं हैं। धूप खिलने से जीरे का बचाव हुआ है। अब किसानों को जीरे पर दो किलोग्राम प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मैंकोजेब का स्प्रे करना चाहिए। मावठ से गेहूं व तारामीरा सहित अन्य फसलों को फायदा होगा।
- वीएस सोलंकी, उपनिदेशक, कृषि विभाग, जोधपुर
Published on:
29 Jan 2017 03:08 pm
बड़ी खबरें
View Allमुंबई
महाराष्ट्र न्यूज़
ट्रेंडिंग
