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सात साल से घर में गीता घर में चला रही आंगनबाड़ी केन्द्र, ताकि बच्चों को मिले शिक्षा

हिंगोनिया बुजुर्ग गांव में है केन्द्रदरक चुकी है आंगनबाड़ी केन्द्र की पट्टियांअनिल पारीकनिवाई. उपखंड की ग्राम पंचायत ङ्क्षहगोनिया बुजुर्ग मुख्यालय पर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र भवन पूरी तरह से जर्जर होने के कारण सात वर्षों से एक मकान में संचालित है। ङ्क्षहगोनिया बुजुर्ग में आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर हो जाने से केन्द्र पर जाने वाले बच्चों को भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

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टोंक

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Jalaluddin Khan

Aug 10, 2022

सात साल से घर में गीता घर में चला रही आंगनबाड़ी केन्द्र, ताकि बच्चों को मिले शिक्षा

सात साल से घर में गीता घर में चला रही आंगनबाड़ी केन्द्र, ताकि बच्चों को मिले शिक्षा

सात साल से घर में गीता घर में चला रही आंगनबाड़ी केन्द्र, ताकि बच्चों को मिले शिक्षा
हिंगोनिया बुजुर्ग गांव में है केन्द्र
दरक चुकी है आंगनबाड़ी केन्द्र की पट्टियां
अनिल पारीक
निवाई. उपखंड की ग्राम पंचायत ङ्क्षहगोनिया बुजुर्ग मुख्यालय पर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र भवन पूरी तरह से जर्जर होने के कारण सात वर्षों से एक मकान में संचालित है। ङ्क्षहगोनिया बुजुर्ग में आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर हो जाने से केन्द्र पर जाने वाले बच्चों को भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

सूत्रों के अनुसार सन 1990 में ग्राम पंचायत बनी ङ्क्षहगोनिया बुजुर्ग गांव में पंचायत मुख्यालय पर आगनबाड़ी भवन का निर्माण हुआ था। लेकिन करीब 32 वर्ष पूर्व बना आंगनबाड़ी केंद्र विभाग की अनदेखी और लापरवाही के चलते सात वर्षों से बंद आंगनबाड़ी केंद्र और अधिक जर्जर हो गया। सात वर्ष पूर्व आंगनबाड़ी केंद्र की चार पट्टियां टूट गई थी, जिसकी सूचना तत्कालीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गीता गुप्ता ने विभाग और जिले अधिकारियों को लिखित जानकारी दे दी थी, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग तथा उपखंड एवं जिले के अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं देने से आंगनबाड़ी केंद्र की टूटी पट्टियां नहीं बदलवाई गई।

आंगनबाड़ी भवन में दो कमरे और एक बरामदें की टूटी हुई पट्टियों के गिरने के खतरे को भांपकर तथा विभाग के अधिकारियों द्वारा दिखाई गई बेरूखी के चलते आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने अपने घर में आंगनबाड़ी शुरू कर अपना कार्य करती है।अपने घर में करीब साढे पांच साल तक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित करने के बाद वह सेवानिवृत्त हो गई। इसके बाद पूजा गुर्जर को आंगनबाड़ी केंद्र पर विभाग द्वारा नियुक्त किया गया, लेकिन विभाग द्वारा आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत करवाने पर कोई ध्यान नहीं दिया।

अपनी सेवानिवृत्त के बाद भी पूर्व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने अपने घर में नि:शुल्क आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होने दिया। ग्राम पंचायत ङ्क्षहगोनिया बुजुर्ग मुख्यालय पर पिछले लगभग 7 वर्ष से आंगनबाड़ी भवन जर्जर होने से नि:शुल्क गीता के मकान में चल रहा है।ग्राम पंचायत ङ्क्षहगोनिया बुजुर्ग में संचालित आंगनबाड़ी पर वर्तमान में 107 छोटे बच्चों का नामांकन है। (ए.सं.)

छह माह में भी नहीं भेजा प्रस्ताव: सीडीपीओ बंटी बालोटिया का कहना है कि ङ्क्षहगोनिया में आंगनबाड़ी केंद्र को तोडने के लिए 6 माह पूर्व कलक्टर से निर्देश मिल चुके है। इसके लिए विभाग एसडीएम, एईएन पीडब्ल्यूडी तथा सीडीपीओ की टीम गठित की है। स्वीकृति मिलते ही ङ्क्षहगोनिया बुजुर्ग में नया आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण करवा दिया जाएगा।

केंद्र को नहीं किया स्थानांतरित
ङ्क्षहगोनिया बुजुर्ग में एक घर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र को पंचायत मुख्यालय पर बने सरकारी स्कूल व अन्य भवनों में शिफ्ट करने के लिए भी चार वर्षों से विभाग और अन्य अधिकारियों के बीच मौखिक वार्तालाप ही चल रही है, लेकिन अभी शिफ्ट करने के नाम कोई निर्णय नहीं होने से घर में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है।

भवन को कंडम करने हो चुके आदेश
आंगनबाड़ी केंद्र ङ्क्षहगोनिया बुजुर्ग को कंडम घोषित करने के लिए ग्रामीणों ने जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल से अभियान के दौरान मांग की थी, जिस पर जिला कलक्टर ने 6 माह पूर्व ही विभाग आंगनबाड़ी भवन को कंडम घोषित के आदेश दे दिए थे, लेकिन अभी तक विभाग के अधिकारी कलक्टर के आदेशों की अहवेलना कर रहे है।