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Tonk: यूरिया के कट्टों में छिपाकर ला रहे थे विस्फोटक, ट्रैक्टर लगाकर रोका रास्ता; अब तस्करी नेटवर्क की खुलेगी परतें

Tonk Explosive Smuggling: डीएसटी और बरोनी पुलिस की ओर से चिरोंज गांव में पकड़ी गई विस्फोटक सामग्री की खेप मामले में बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
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टोंक

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Anil Prajapat

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Updated: 1 Jan 2026, 10:54 AM IST

Tonk Explosive Smuggling

चिरोंज गांव में पकड़ी गई कार की जांच करती टीम। फोटो: पत्रिका

टोंक। डीएसटी और बरोनी पुलिस की ओर से चिरोंज गांव में पकड़ी गई विस्फोटक सामग्री की खेप मामले में बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। जिला पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोटक सामग्री किस इरादे से और किसे सप्लाई करनी थी।

गौरतलब है कि पुलिस टीम ने बूंदी जिले के इन्द्रगढ़ क्षेत्र से टोंक में लाई जा रही विस्फोटक सामग्री की बड़ी खेप को बुधवार को चिरोंज गांव में पकड़ा है। मामले में करवर जिला बूंदी निवासी सुरेंद्र पटवा पुत्र भंवरलाल और सुरेंद्र मोची पुत्र दुलीलाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी है।

ट्रैक्टर लगा रोका था रास्ता

डीएसटी को सूचना मिली थी कि विस्फोटक सामग्री से भरी कार आ रही है। यह कार टोंक से चिरोंच की तरफ चली गई। तब टीम ने संपर्क सूत्रों को सक्रिय किया और रास्ते में खाली ट्रैक्टर खड़े करवा दिए, जिससे कार को मजबूरन रुकना पड़ा। जैसे ही कार थमी और डीएसटी टीम ने उसे चारों ओर से घेर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कार में यूरिया खाद होने की बात कही, लेकिन तलाशी के दौरान यूरिया के कट्टों के बीच विस्फोटक सामग्री मिली। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

यह थे टीम में शामिल

विस्फोटक सामग्री के खिलाफ हुई कार्रवाई टीम में डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश, हैड कांस्टेबल शरीफ मोहम्मद, सुरेश चावला, कांस्टेबल राधा मोहन, शिवपाल, प्रधान, रुकमेश, राधाकिशन, राजेश व बरोनी थाने की टीम शामिल थी।

राष्ट्र विरोधी गतिविधि के संकेत मिले तो होगी कठोर कार्रवाई

टोंक पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने बताया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। विस्फोटक सामग्री के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जाएगी। यदि मामले में किसी बड़े नेटवर्क या राष्ट्र विरोधी गतिविधि के संकेत मिलते हैं तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।