
मांगे मानने के बाद ज्यूस पीकर अनशन तोड़ता पीडि़त परिवार व अन्य।
-भांसू का चन्द्रशेखर हत्या काण्ड
-सीबीआई जांच के लिए सरकार को लिखने का दिया आश्वासन
- पालनहार, विधवा पेंशन दिलाने की करेगें कार्रवाई
-निर्माणाधीन मकान के बाहर सडक़ पर मिला था चन्द्रशेखर का शव
-पीडित के पक्ष में आए थे कई संगठन
टोंक. टोडारायसिंह क्षेत्र के भांसू में चन्द्रशेखर हत्या काण्ड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चल रहा अनशन शनिवार शाम एडीएम के सीबीआई जांच के लिए सरकार को लिखने व अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के आश्वासन पर समाप्त हो गया।
हालांकि इससे पहले पीडि़त परिवार को पुलिस जबरन अनशन स्थल से उठाकर अस्पताल ले गई, तथा जांच के बाद भर्ती कराया था। उल्लेखनीय है कि 2 अगस्त 2017 को भांसू गांव में निर्माणाधीन मकान के बाहर सडक़ पर चन्द्रशेखर का शव मिला था।
परिजनों ने हत्या का मामला टोडारायसिंह थाने में दर्ज कराया था। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। बल्कि मामले में लापरवाही बरती जा रही है। इसके चलते मृतक की पत्नी आशा, बहन गायत्री व संध्या ने बुधवार से अनशन शुरू किया था।
मृतक की पत्नी आशा, बहन गायत्री व संध्या ने गत बुधवार से अनशन शुरू कर दियाथा। पीडि़त परिवार को समर्थन देने को लेकर मातृ छाया संस्थान प्रदेशाध्यक्ष नीलिमा आमेरा, राजस्थान अम्बेडकर महासभा के जिलाध्यक्ष अशोक बैरवा, नरेन्द्रसिंह आमली समेत कई सामाजिक संगठन भी आगे आए।
शाम को एडीएम ने पीडि़त परिवार को वार्ता के लिए बुलवाया तथा सीबीआई जांच के लिए सरकार को लिखने व पालनहार व विधवा पेंशन योजना का लाभ दिलवाने का आश्वासन दिया।
इसके साथ ही पीडि़त परिवार व अनशन पर बैठे समर्थकों को ज्यूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। अनशनकारियों के विरोध के बावजूद सुबह प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक प्रियंका, पुरानी टोंक थाना प्रभारी लक्ष्मणसिंह आदि पीडि़त परिवार की तीनों महिलाओं को जबरन उठाकर अस्पताल ले गए।
इस बीच काफी देर तक हंगामा भी हुआ। पीडि़त परिवार का आरोप है कि ले जाने के दौरान पुलिसकर्मियों ने अभद्रता भी की।
मामले की तह तक जाएंगे
सभी बिन्दुओं को शामिल कर मामले की तह तक जाने का प्रयास करेंगे तथा जांच का दायरा बढ़ाएंगे।
गोरधनलाल, एएसपी मालपुरा।

Published on:
17 Jun 2018 08:00 am
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