
टोंक. देश के हर उच्च पद पर जब महिलाएं जा सकती है, तो उन्हें राजनीति में ही उपेक्षित क्यों रखा जाता है। महिलाओं को भले ही आरक्षण मिला हुआ है, लेकिन चुनाव में इसे भुला दिया जाता है। ऐसा अब नहीं होगा।

महिलाएं जागरूक हो चुकी हैं। आने वाले चुनाव में सबसे पहले तो स्वच्छ वाले प्रत्याशी को स्वीकार किया जाएगा। वहीं महिलाएं अपनी भागीदारी भी पूर्णरूप से निभाएगी।

ये संकल्प शहर की महिलाओं ने गुरुवार को जिलेभर में आयोजित राजस्थान पत्रिका के महाभियान चेंजमेकर के तहत लिए।

देश की सरकार बनाने में अहम भूमिका आबादी कहे जाने वाली महिलाओं की भी है, लेकिन महिलाएं इसे अनदेखा करती है।

आने वाले चुनाव में सबसे पहले तो स्वच्छ वाले प्रत्याशी को स्वीकार किया जाएगा। वहीं महिलाएं अपनी भागीदारी भी पूर्णरूप से निभाएगी।

देश की सरकार बनाने में अहम भूमिका आबादी कहे जाने वाली महिलाओं की भी है, लेकिन महिलाएं इसे अनदेखा करती है। इससे बाद में हमें पछताना पड़ता है। साथ ही हम महिलाएं चुनाव लडऩे के लिए भी कम नहीं है। हमें कोशिश करनी चाहिए कि हम ही चुनाव में आगे आएंगे। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को सक्रिय होने, आगे बढऩे तथा भ्रष्ट लोगों का चुनाव में साथ नहीं देने का संकल्प दिलाया।

देश के हर उच्च पद पर जब महिलाएं जा सकती है, तो उन्हें राजनीति में ही उपेक्षित क्यों रखा जाता है। महिलाओं को भले ही आरक्षण मिला हुआ है, लेकिन चुनाव में इसे भुला दिया जाता है।

ऐसे जनप्रतिनिधि का चुनाव करें जो स्वच्छ छवि वाला हो। देश की सरकार बनाने में अहम भूमिका आबादी कहे जाने वाली महिलाओं की भी है, लेकिन महिलाएं इसे अनदेखा करती है।