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छोटी उम्र में मां बनने से बालिकाओं का शारीरिक व मानसिक विकास हो रहा है कमजोर, बाल विवाह समाज के लिए है अभिशाप-शुभा

बाल विवाह एक ऐसा विकार है, जो समाज की नींव को ही कमजोर कर देता है। बाल विवाह समाज में ऐसी बुराई है जो समाज के लिए अभिशाप बन गई है।

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 बाल विवाह प्रतिषेध अभियान

टोंक. परिवार पर समाज व राष्ट्र की नींव खड़ी होती है। बाल विवाह एक ऐसा विकार है, जो समाज की नींव को ही कमजोर कर देता है। ये बात रविवार को जिला एवं सैशन न्यायाधीश शुभा मेहता ने बाल विवाह प्रतिषेध अभियान 2018 के दौरान कही। मे

टोंक. परिवार पर समाज व राष्ट्र की नींव खड़ी होती है। बाल विवाह एक ऐसा विकार है, जो समाज की नींव को ही कमजोर कर देता है। ये बात रविवार को जिला एवं सैशन न्यायाधीश शुभा मेहता ने बाल विवाह प्रतिषेध अभियान 2018 के दौरान कही। मेहता ने कहा कि टोंक उन 8 जिलों में शामिल है। जहां सबसे ज्यादा विवाह होते हैं।

जिले में एक अप्रेल से तीस जून तक बाल विवाह की रोकथाम के लिए सघन अभियान चलाया जाएग। अतिरिक्त जिला कलक्टर लोकेश गौतम ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से पिछले कुछ वर्षों में बाल विवाह में कमी आई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा ने कहा कि प्रत्येक नागरिक सामाजिक बुराइयों को रोकने में सकारात्मक भूमिका निभाएं।

जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष देवकरण गुर्जर ने बाल विवाह को जड़ सहित समाप्त करने का आह्वान किया। विशिष्ट न्यायाधीश हिमांकिनी गौड़ ने बाल विवाह प्रतिषेध अभियान की जानकारी दी। पूर्णकालिक सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज बंसल ने आभार व्यक्त किया।

इस अवसर एम.ए.सी.टी. न्यायाधीश तनवीर चौधरी, अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश रमाकांत शर्मा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शालिनी गोयल, न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋतु चंदानी, पुलिस उपाधीक्षक संजय शर्मा आदि मौजूद थे।

बाल विवाह से समाज एवं राष्ट्र की उन्नति में बाधा

मालपुरा. तालुका विधिक सेवा समिति की ओर से एक अपे्रल से 30 जून तक चलाए जा रहे विशेष बाल विवाह निषेध अभियान का रविवार को नगर पालिका के परिसर में अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश विनोद कुमार गिरी, मुंसिफ मजिस्ट्रेट सीमा चौहान, तहसीलदार सुभाष गोयल, पालिका उपाध्यक्ष पुरूषोतम सैनी, नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार मीणा की ओर से शुरुआत किया गया।

रालसा जयपुर व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार एक अपे्रल से 30 जून तक चलाए जाने वाले विशेष बाल विवाह निषेध अभियान के शुभारम्भ पर मुख्य अतिथि तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार गिरी ने कहा कि बाल विवाह समाज में ऐसी बुराई है जो समाज के लिए अभिशाप बन गई है।

गरीबी व अशिक्षा के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले बाल विवाह से समाज एवं राष्ट्र की उन्नति में बाधा उत्पन्न हो रही है छोटी उम्र में मां बनने से बालिकाओं का शारीरिक व मानसिक विकास कमजोर हो रहा है। बाल विवाह से मातृ-शिशु मृत्यु दर बढ़ रही है तथा वैवाहिक जीवन में तनाव बढऩे से न्यायालयों में आने वाले तलाक, दहेज प्रथा, महिला अत्याचार के मामलों पर रोक लगाने के लिए बाल विवाह के प्रति लोगों में जागरुकता पैदा करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

तहसीलदार सुभाष गोयल ने कहा कि बाल विवाह होने की सूचना पर लोगों को तत्काल पुलिस व प्रशासन को सूचना देना चाहिए। सूचना देने वालों का नाम प्रशासन द्वारा गोपनीय रखा जाता है। इससे पूर्व रामप्रसाद वर्मा, शेरसिंह राजावत, अनीश जैन सहित सदस्यों द्वारा न्यायिक अधिकारियों का स्वागत किया गया। संचालन राउमावि के प्रधानाचार्य गिरधर सिंह ने किया।