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न्यायालय ने तबादला आदेश पर लगाई रोक, प्रमुख चिकित्सा सचिव सहित अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर किया तलब

राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण ने नर्स ग्रेड द्वितीय का तबादला किए जाने के आदेश पर रोक लगा दी है।  

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न्यायालय ने तबादला आदेश पर लगाई रोक, प्रमुख चिकित्सा सचिव सहित अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर किया तलब

न्यायालय ने तबादला आदेश पर लगाई रोक, प्रमुख चिकित्सा सचिव सहित अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर किया तलब

टोंक. राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण ने शुक्रवार को आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोप के नर्स ग्रेड द्वितीय का तबादला राजकीय चिकित्सालय सवाईमाधोपुर किए जाने के आदेश पर रोक लगा दी है। अधिकरण ने मामले में राज्य के प्रमुख चिकित्सा सचिव, चिकित्सा निदेशक, टोंक के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व उनियारा ब्लॉक के खण्ड चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

साथ ही गत 29 सितम्बर के तबादला तथा अपीलार्थी को कार्यमुक्त करने के आदेश की क्रियान्विति पर रोक लगा दी है। अधिकरण ने यह आदेश आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोप के नर्स ग्रेड द्वितीय लोकेश कुमार शर्मा की ओर से एडवोकेट लक्ष्मीकान्त शर्मा के जरिए दायर की गई अपील पर प्रारम्भिक सुनवाई करते हुए दिए हैं।

अपील में बताया कि राज्य सरकार ने गत 29 सितम्बर को अपीलार्थी का तबादला राजकीय चिकित्सालय सवाईमाधोपुर में कर दिया। जबकि नियमानुसार प्रार्थी की सेवाएं पंचायतीराज विभाग के अधीन है। ऐसे में प्रार्थी का तबादला करने से पूर्व पंचायतीराज विभाग से अनुमति ही नहीं ली। अधिकरण ने अपीलार्थी के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद अपीलार्थी के तबादला आदेश तथा कार्यमुक्ति के आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार और अन्य से जवाब तलब किया है।

स्थगन आदेश किए जारी
मालपुरा. राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण ने स्थगन आदेश जारी कर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मालपुरा में नियुक्त दंत रोग विशेषज्ञ के स्थानांतरण पर रोक लगाई। मालपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत दंत रोग विशेषज्ञ डॉ प्रवीण जांगिड़ का गत 29 सितम्बर को राज्य सरकार ने आदेश जारी कर सीएचसी मसूदा अजमेर में स्थानांतरण कर दिया था, जिस पर डॉ जांगिड़ ने जरिए अधिवक्ता अधिकरण में अपील दायर कर अवगत करवाया कि अपीलार्थी पंचायतराज विभाग का अंतरित कार्मिक है और आक्षेपित आदेश पंचायत राज नियम 2011 के उल्लंघन में है।

इस पर अधिकरण ने माना की पंचायत राज विभाग के अधीन कार्यरत अंतरित विभागों के कार्मिको के स्थानांतरण एक जिले से दूसरे जिले में किए जाने के लिए पंचायत राज विभाग की सहमति प्राप्त किया जाना आवश्यक है, जिस पर अधिकरण ने स्थानांतरण पर स्थगन आदेश जारी कर अपीलार्थी को राहत दी।