
शीतकालीन अवकाश में बढ़ाएंगे रचनात्मक कौशल
टोंक. महामारी ने दुनिया को अलग-अलग तरह से प्रभावित किया है। इसका गहरा प्रभाव शिक्षा पर भी पड़ा है। इस कारण हमारे आस-पास का वातावरण और बच्चों के आपसी संवादों में कमी हुई है। लॉकडाउन के दौरान हुए बच्चों के साथ अलग-अलग मानसिक अनुभवों जैसे पारिवारिक दरारे, आपसी द्वंद, पारिवारिक संघर्ष, सामाजिक एवं भावनात्मक जुड़ाव, अखबारों या आस-पास से मिले भयावह सूचनाओं के माध्यम से कई प्रकार के प्रभाव बच्चों के व्यवहार में दिखाई दे रहे हैं।
बदलते इस माहौल में बहुत जरूरी हो गया है कि समाज में सामाजिक भवनात्मक विकास और इसे सिखने के व्यापक अवसर बनाये जाएं। इसी को को लेकर शीतकालीन अवकाश में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन टोंक ने एक छ: दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कर रहा है।
कार्यशाला सदस्य मोहित वैष्णव ने बताया कि फाउंडेशन के द्वारा संचालित सामाजिक बदलाव के लिए रंगमंच इंटर्न समूह द्वारा शहर के चयनित युवाओं के लिए इस छ: दिवसीय कार्यशाला का क्रियान्वयन 25 दिसंबर से सिटी पैलेस टोंक में किया जा रहा है।
वैष्णव ने बताया इस कार्यशाला में नाटक की प्रक्रियाओं के जरिए इस कार्यशाला में सामाजिक, भावनात्मक सीख, पर रचनात्मक कार्य किया जा रहा है। टोंक में इस तरह की यह पहली कार्यशाला है, इस कार्यशाला में हो रहे अनुभवों के आधार पर इसे स्वरूप को रोचक बनाते हुए शहर में कई जगह इस कार्यशाला को आयोजित किया जाएगा जिससे स्थानीय शिक्षक, छात्र और अन्य प्रतिभागी लाभान्वित होंगे।
वैष्णव ने बताया कि कार्यशाला के पहले दिन स्थानीय युवा रजत शर्मा प्रकृति पंवार, भावना सकरवाल, मनीषा तमोली, राजवंती, रमा समेत 22 युवाओं ने और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के एसोसिएट अजमल, अदिति, भवानी, मंजरी, शैलजा, गजेंद्र, माविया, पुनिता ने भी प्रतिभाग किया है ।
इस कार्यशाला के संयोजन और सहयोग में कम्यूनिटी थिएटर टोंक के नीलेश, आशीष, देवराज, गर्वित, शुभम एवं अनुभव अवलोकनॉर्थ शिक्षक रामरतन गुगलिया एवं फॉउंडेशन सदस्य राजकुमार रजक और संतोष पांडे सहित 40 संभागी मौजूद रहे । कार्यशाला की इस योजना को फॉउंडेशन के थियेटर इन्टर्नस फेसिलिटेट कर रहे हैं।
Published on:
27 Dec 2021 09:01 pm
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