
टोंक के रसद विभाग कार्यालय में जमा लोगों की भीड़।
टोंक. कई विभागों के चक्कर लगाने के बावजूद भी जरूरतमंद खाद्य सुरक्षा से नहीं जुड़ रहे थे, लेकिन अब रसद विभाग ही लोगों को इस योजना से जोड़ रही है। योजना से जोडऩे का अधिकार पहले नगर निकाय के पास था, लेकिन अब इसे रसद विभाग को दे दिया गया है।
इसके लिए गुरुवार दिनभर रसद विभाग कार्यालय में लोगों की भीड़ रही। बेकाबू हुई भीड़ के चलते पुलिस बुलानी पड़ गई। चौंकाने वाली बात ये भी है कि भीड़ इस कदर रसद विभाग में जमा हो गई एक पट्टी दरक गई। ऐसे में भीड़ को कार्यालय के बाहर भेजना पड़ा।
खानापूर्ति से मिली मुक्ति
इस योजना से जुडऩे के लिए लोगों को पहले श्रमिक कार्ड बनवाना पड़ता था। या फिर बीपीएल होना चाहिए थे। इसके बाद योजना के आवेदन के साथ कई प्रकार के दस्तावेज लगाने पड़ते थे। फिर नगर सम्बन्धित वार्ड पार्षद तथा पटवारी से हस्ताक्षर कराकर नगर निकाय में जमा कराना होता था।
इसके बाद नगर निकाय उसे उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में भेजकर योजना से जोड़ती थी। गत दिनों इसमें बदलाव किया गया कि इतनी सब प्रक्रिया नहीं होगी। रसद विभाग अपने उपभोक्ता के पास मौजूद श्रमिक डायरी के आधार पर ही उसे खाद्य सुरक्षा से जोड़ेगी। इसी के तहत लोगों की भीड़ उमड़ रही है।विभाग के प्रवर्तन निरीक्षक धर्मचंद अग्रवाल ने बताया कि महीने के दूसरे व चौथे गुरुवार को लोगों से आवेदन लेकर उन्हें ऑन लाइन किया जा रहा है।
कर्मचारी 26 को करेंगे आंदोलन
टोंक. विभिन्न मांगों को लेकर पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन से जुड़े कर्मचारी 26 नवम्बर को शहर में आंदोलन करेंगे। जिलाध्यक्ष महावीरप्रसाद धाकड़ ने बताया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।
बैठक 24 को
टोंक. सार्वजनिक वितरण प्रणाली की जिला स्तरीय सतर्कता समिति व उपभोता संरक्षण परिषद की बैठक जिला कलेक्टर सुबेसिंह यादव की अध्यक्षता में 24 नवम्बर को सुबह साढ़े 11 बजे कलक्ट्रेट सभागार में होगी।
Published on:
24 Nov 2017 02:18 pm
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