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दीपावली स्नेह मिलन समारोह-लड्डू गोपाल के लगाया छप्पन भोग, श्रद्धालुओं ने उतारी भगवान की सामूहिक आरती

माहेश्वरी समाज विकास समिति की ओर से दीपावली स्नेह मिलन समारोह आयोजित हुआ। समारोह की शुरुआत लड्डू गोपाल की झांकी सजाकर की गई।

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Jalaluddin Khan

Nov 03, 2019

दीपावली स्नेह मिलन समारोह-लड्डू गोपाल के लगाया छप्पन भोग, श्रद्धालुओं ने उतारी भगवान की सामूहिक आरती

दीपावली स्नेह मिलन समारोह-लड्डू गोपाल के लगाया छप्पन भोग, श्रद्धालुओं ने उतारी भगवान की सामूहिक आरती

देवली. माहेश्वरी समाज विकास समिति की ओर से शुक्रवार देर शाम दीपावली स्नेह मिलन समारोह आयोजित हुआ। समारोह की शुरुआत लड्डू गोपाल की झांकी सजाकर की गई। समाज के चन्द्रप्रकाश माहेश्वरी ने बताया कि झांकी भावना माहेश्वरी व अनिता लाठी ने सजाई।

दोपहर सवा 12 बजे भावना, अनिता लाठी, सुधा मालपानी, रेखा मून्दड़ा, रुकमणि, मीनू माली ने भजनों की प्रस्तुतियां दी। समाज की महिलाओं ने भगवान के भजनों पर नृत्य किया। शाम को समाज की महिलाएं छप्पन भोग की प्रसादी लेकर आई, जिसका लड्डू गोपाल के भोग लगाया।

वहीं कीर्तंन के साथ सामूहिक आरती की गई। समारोह में समाज अध्यक्ष बालकिशन आगीवाल, संरक्षक ओमप्रकाश काबरा, जगदीश नुवाल, रामकिशन माहेश्वरी, जयंती, सत्यनारायण, दीपक मून्दड़ा, अनिल नामधरानी, सत्यनारायण तोषनीवाल सहित उपस्थित थे।


भगवान ने अवतार लेकर धर्म की स्थापना की
देवली. धर्म व मानवता की क्षति होने पर स्वयं भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते है। हर युग में भगवान ने अवतार लेकर धर्म की स्थापना की है। यह बात कथावाचक पं तुलसीराम शास्त्री ने शनिवार को श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कही। उन्होंने कहा हर युग में भगवान ने अवतार लेकर असुरों को खत्म किया है।

कथा वाचक ने राम जन्म, राम-लक्ष्मण सहित भाईयों की आश्रम में शिक्षा-दीक्षा, रावध वध, अयोध्या में भगवान राम का राजतिलक, सीता माता का धरती में समाधिस्थ होना, लवकुश कथा, कृष्ण बलराम की लीलाएं, गोवर्धन लीला, पूतना वध, कालिया दमन सहित वृत्तान्त सुनाएं। कथा के बीच भजनोंं पर महिलाओं ने नृत्य किया।

इससे पहले शुक्रवार को पं तुलसीराम ने कर्म फल को लेेकर राजा चित्रकेतकों को वृतान्त सुनाया। कथा के बीच समुद्र मंच, हिरण्यकश्यप वध, नरसिंह अवतार, वृत्रासुर वध, महर्षि दाधीची नारद का हरि रुप, भक्त प्रहलाद की कथा, राजा भागीरथी का गंगा लाना, राम-लक्ष्मण के जीवन वृत्तान्त का सजीव झांकी के साथ वर्णन किया गया। घनश्याम गौतम ने बताया कि कथा की आगामी 4 नवम्बर को पूर्णाहुति होगी।