8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

टोरडी सागर बांध की माइनरों में भी पानी छोडऩे की मांग, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

उपखण्ड के टोरडी सागर बांध की नहरों में 0 से 200 चेन तक की माइनरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों द्वारा उपखण्ड अधिकारी डॉ राकेश कुमार मीणा को ज्ञापन सौंपा गया।

2 min read
Google source verification
टोरडी सागर बांध की माइनरों में भी पानी छोडऩे की मांग, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

टोरडी सागर बांध की माइनरों में भी पानी छोडऩे की मांग, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

मालपुरा. उपखण्ड के टोरडी सागर बांध की नहरों में 0 से 200 चेन तक की माइनरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों द्वारा उपखण्ड अधिकारी डॉ राकेश कुमार मीणा को ज्ञापन सौंपा गया। उपखण्ड के बालापुरा, रायपुरा, टोरडी, जरेली, भावलपुर, डूंगरी खुर्द, देवल्या पट्टी गुर्जरान के किसानों ने पूर्व सीआर गोपाल गुर्जर, पूर्व सीआर भंवर मुवाल, एडवोकेट देवी लाल शर्मा के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में अवगत कराया कि नहरें खोलने से पूर्व जिला कलक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए निर्णय के अनुसार माइनरों में दस-दस दिनों का खोला जाना था, जिसमें जीरों से 200 चेन तक की तिथि की समयावधि निकल जाने के बाद भी माइनरों में पानी नहींं छोडऩे दिया जा रहा, जिससे क्षेत्र में बोई गेहंू व जौ की फसल को भारी नुकसान हो रहा है।

वहीं दूसरी ओर से तिलांजू ग्रामवासियों ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गांव के ही एक जने द्वारा नहर के पानी से स्वयं के खेत का एनिकट भरकर पड़ोसी ओमप्रकाश पारीक के तीन बीघा खेत में उगी सरसों की फसल में जबरन पानी भर दिया, जिससे फसल नष्ट हो गई। ग्रामीणों ने ज्ञापन में नहर के पानी का दुरुपयोग करने एवं फसल नष्ट करने पर कार्रवाई करने की मांग की।

संगम अध्यक्षों की बैठक आयोजित
उनियारा. यहां जल संसाधन विभाग कार्यालय परिसर में गुरुवार को गलवा बांध जल उपभोक्ता संगम अध्यक्षों की बैठक चेयरमैन कालूराम गुर्जर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कनिष्ठ अभियन्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि सरकार द्वारा बांध के संगम स्थापित कर उन्हें सिंचाई कर वसूली के अधिकार दिए गए थे।

सरकार की मंशा थी कि उपभोक्ता संगम स्वयं ही कमाण्ड क्षेत्र के किसानों से सिंचाई कर वसूल कर उसमें से आधा पैसा सरकार को जमा करवाऐ तथा आधी राशी से बांध की नहरों की मरम्मत आदि का कार्य करवाऐ। लेकिन संगमों के सदस्य एवं अध्यक्ष उक्त कार्य में शिथिलता बरत रहे है। इससे नहरों के रखरखाव का कार्य नही हो पा रहा है।

कनिष्ठ अभियन्ता ने उन्हें संगम वार रिकार्ड उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। बैठक में गलवा बांध की बंद पडी नहर को रबी की सिंचाई के लिए पुन: खोले जाने की किसानों की मांग पर निर्णय सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में देवकरण गूर्जर, कैलाश चौधरी आदि संगम अध्यक्ष मौजूद थे।


बड़ी खबरें

View All

टोंक

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग