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video: चिकित्सक का स्थानान्तरण निरस्त करने की मांग को लेकर लोगों ने प्रदर्शन कर एसडीओ को सौंपा ज्ञापन

शहरवासी सोशल मीडिया के माध्यम से स्थानान्तरण का जमकर विरोध कर रहे है।  
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टोंक

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 13 Jul 2018, 9:47 AM IST

Opposition to doctor's transfer

देवली. राजकीय चिकित्सालय देवली में कार्यरत बाल व शिशु रोग चिकित्सक जगदीश कुमावत के स्थानान्तरण निरस्त करने की मांग को लेकर गुरुवार को दर्जनों लोगों ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

देवली. राजकीय चिकित्सालय देवली में कार्यरत बाल व शिशु रोग चिकित्सक जगदीश कुमावत के स्थानान्तरण निरस्त करने की मांग को लेकर गुरुवार को दर्जनों लोगों ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

इसमें बताया कि हाल में स्वास्थ्य विभाग की सूची में चिकित्सक जगदीश कुमावत का स्थानान्तरण मालपुरा कर दिया गया। जबकि अस्पताल में पहले से ही चिकित्सकों के रिक्त पद चल रहे हैं।

ऐसे में चिकित्सक के चले जाने से अस्पताल में आने वाले बाल रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। जबकि देवली अस्पताल चार जिलों की सीमा पर स्थित होने के चलते यहां आसपास के क्षेत्रों से ग्रामीण बच्चों के उपचार के लिए आते हैं।

ज्ञापन में चेतावनी दी कि स्थानान्तरण निरस्त नहीं किए जाने पर शहरवासी आंदोलन पर उतारु होंगे। ज्ञापन देने वालों में रामसिंह शक्तावत, जयेन्द्र मीना, बृजेश भारद्वाज, निर्मल उपाध्याय, विकास बंसल, अजय सिंह शक्तावत, नीरज शर्मा, आकाश कंछल, तेजेन्द्र पारीक, मुकेश गोयल, योगेश श्रीमाल, ललित, शिव, दिनेश कर्मावत आदि थे।

इससे पहले लोगों ने उपखण्ड कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर स्थानान्तरण निरस्त करने की मांग की तथा प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि चिकित्सक का स्थानान्तरण सूची में नाम आने के बाद से ही शहरवासियों में नाराजगी का माहौल है। शहरवासी सोशल मीडिया के माध्यम से स्थानान्तरण का जमकर विरोध कर रहे है।

रिक्त पद से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित
राणोली-कठमाणा. जंवाली के राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय में रिक्त पदों के चलते शिक्षण कार्य प्रभावित है। एसएमसी अध्यक्ष मेहबूब ने बताया कि विद्यालय में 8 कक्षाओं को अध्ययन कराने के लिए मात्र दो प्रबोधक एवं एक लेवल द्वितीय अध्यापिका ही कार्यरत है।

जबकि प्रधानाध्यापक एवं लेवल द्वितीय अंग्रेजी, गणित-विज्ञान के शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इस कारण प्रवेशोत्सव के तहत गांव में सम्पर्क के दौरान शिक्षकों ने स्टाफ की कमी को देखते हुए बच्चों का विद्यालय में प्रवेश नहीं कराया।

इससे केवल 45 बालिकाओं का ही नामांकन हो सका है। रिक्त पदों के चलते शिक्षक अभिभावकों को अच्छी शिक्षा के लिए आश्वस्त नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि उन्होंने रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है।