
टोंंक. उनियारा उपखण्ड के सबसे बड़े कस्बे अलीगढ़ में जलस्तर नीचे चले जाने के कारण15 वार्ड के दस हजार की आबादी इस कस्बे में मात्र एक ट्यूबवैल कुछ घंटे चल रहा है। इससे कुछ मिनटों के लिए ही एक-दो वार्ड में पानी आ रहा है।
टोंंक. उनियारा उपखण्ड के सबसे बड़े कस्बे अलीगढ़ में पिछले करीब दो माह से पेयजल व्यवस्था ठप होने से लोगों को पेयजल के लिए मनमाने दाम चुकाने पड़ रहे है। हालात यह है कि प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बाद भी इस संबंध में अब तक कोई कदम नहीं उठाए गए है।
जानकारी के अनुसार जलस्तर नीचे चले जाने के कारण15 वार्ड के दस हजार की आबादी इस कस्बे में मात्र एक ट्यूबवैल कुछ घंटे चल रहा है। इससे कुछ मिनटों के लिए ही एक-दो वार्ड में पानी आ रहा है। हालात यह है कि इन कुछ मिनट के पानी के लिए भी लोगों की टकटकी लगी रहती है । जबकि पूरा कस्बा पेयजल के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर है। लोगों को टैंकर के लिए 300 से पांच सौ रुपए खर्च करने पड़ रहे है।
प्रोजेक्ट में महा देरी
टोंक-देवली-उनियारा बीसलपुर प्रोजेक्ट के तहत उनियारा से अलीगढ़ के बीच करीब साढ़े ग्यारह किलोमीटर तक पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। अब भी अलीगढ़ तक पानी लाने के लिए करीब ढाई किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए प्रोजेक्ट प्रभारी ने करीब 15 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भिजवाया है। जबकि यह प्रोजेक्ट दो अगस्त 2016 को पूरा होना था। इसके बाद इसकी अवधि बढ़ा कर 31 मार्च 2018 की गई, लेकिन अभी भी शीघ्र पानी आने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
अलीगढ़ के सभी वार्डों में पानी की समस्या है। इसके लिए शीघ्र जलदाय विभाग के माध्यम से टैंकर शुरू किए जाएंगे। टैंकर से पानी वितरण में झगड़े नहीं हो इसकी व्यवस्था भी की जाएगी।
आमोद माथुर, तहसीलदार, अलीगढ़।
फिलहाल उनियारा पम्प हाउस से अलीगढ़ तक लिए ढाई-तीन किलोमीटर पाइप लाइन घट रही है। इसके लिए 15 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भिजवाया गया है। स्वीकृति आने पर ही कार्य शुरू हो पाएगा।
मोहन लाल, प्रोजेक्ट मैनेजर, टोंक-देवली-उनियारा
जलापूर्ति बाधित
आवां. गर्मी के प्रकोप के साथ ही क्षेत्र के जलस्रोत सूखते जा रहे हैं। छह हजार से अधिक आबादी की प्यास बुझाने के लिए जलदाय विभाग की ओर से संचालित तीनों ट्यूबवैल का जलस्तर गिरने से जलापूर्ति पूरी तरह लडखड़़ा गई है। कस्बे के नलों मे एक सप्ताह से पानी नहीं आने से जल संकट गहरा गया है। ग्रामीणो ने सोमवार शाम को पंचायत कार्यालय पहुंच कर समस्या समाधान व वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की।
सरपंच राधेश्याम चन्देल की विभाग के अभियन्ताओं से वार्ता के बाद टीम आवां पहुंची तथा तीनों ट्यूबवैलों में पाइप बढ़ाने की कार्रवाई को देर रात तक अन्जाम दिया। कौशल जैन, किशन सिंह सोलंकी, बुधराज सिंह, फूलचन्द कुम्हार, दिनेश चतुर्वेदी आदि ग्रामीणों ने बताया कि आवां सहित कनवाड़ा, ख्वासपुरा, टोडा का गोठड़ा, सीतापुरा, राजकोट, चांदसिंहपुरा, टोकरावास, बड़ोली, चांदली, निवारिया आदि में पानी की कमी से हालात भयावह बनते जा रहे है।
ग्रामीण ही नहीं विद्यालय में पढऩे वाले मासूम भी दूर दराज तक भटक रहे हैं। आवां में 930 नल कनेक्शन, हैण्डपम्पों व कुछ निजी कुओं के माध्यम से अपना गला तर कर रहे हैं। अभी तो गर्मी की शुरुआत है। मई-जून की भीषण तस्वीर सामने हैं।
इधर, विभाग के सहायक अभियन्ता प्रदीप तिवारी ने बताया कि सोमवार रात तीनों ट्यूबवैलों मे दो- दो पाइप बढ़ाए गए हैं। अन्य तकनीकी खामियां भी ठीक कर परीक्षण किया जा रहा है।
Published on:
18 Apr 2018 04:04 pm
बड़ी खबरें
View Allटोंक
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
