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नगर पालिका की अनदेखी से गणगौरी मेला मैदान आया अतिक्रमण की चपेट में

अतिक्रमियों द्वारा मैदान के चारों तरफ बनाई गई चारदीवारी को एक स्थान से तोडकऱ उसमें अतिक्रमण कर रास्ता निकालने का प्रयास कर लिया।  
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टोंक

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 23 Mar 2018, 1:30 PM IST

गणगौरी मेला मैदान

मालपुरा. नगरपालिका की उदासीनता के चलते केकड़ी रोड स्थित गणगौरी मेला मैदान अतिक्रमियों की भेंट चढ़ रहा है।

मालपुरा. नगरपालिका की उदासीनता के चलते केकड़ी रोड स्थित गणगौरी मेला मैदान अतिक्रमियों की भेंट चढ़ रहा है। नगरपालिका की ओर से दशहरा, गणगौर , तीज मेले के लिए आरक्षित नीलकंठ महादेव मन्दिर के सामने स्थित मैदान में बीती रात अतिक्रमियों द्वारा मैदान के चारों तरफ बनाई गई चारदीवारी को एक स्थान से तोडकऱ उसमें अतिक्रमण कर रास्ता निकालने का प्रयास कर लिया।

अतिक्रमी ने रातों-रात दीवार पर कीलें लगाकर दरवाजा भी लगा लिया है। मैदान में कबाडिय़ों द्वारा जगह-जगह अपना कबाड़ डाल कर अतिक्रमण कर रखा है। मैदान में गाडिय़ा लुहार के भी कई परिवार भी बसे हुए है जिससे मैदान का अस्तित्व समाप्त हो रहा है। पालिका के अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार मीणा ने बताया कि जमादार को भेजकर मामले की जानकारी ली जा रही है अतिक्रमण को हटाया जाएगा।

गौरतलब है कि पूर्व में भी केकड़ी रोड से मेले मैदान में प्रवेश के रास्ते पर अतिक्रमियों द्वारा एक दुकान बनाने की नियत से अतिक्रमण कर लिया था। लेकिन पालिका प्रशासन द्वारा आज तक सुध नहीं लेेने से अतिक्रमण हो रखा है तथा अतिक्रमियों के हौंसले बुलंद हो रहे है।


रास्ते में अतिक्रमण
पीपलू. पंचायत के मोहनाबाद गांव में कस्बे के डाक बंगले से मोहनाबाद जाने वाले रास्ते पर प्रभावशाली लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। ग्रामीणों ने बताया कि दस साल पहले इस रोड पर ग्राम पंचायत द्वारा ग्रेवल सडक़ बनाई गई थी। यह रास्ता मोहनाबाद से कस्बे के लिए सीधा होने से ग्रामीणों का आवागमन अधिक रहता है। प्रभावशाली लोगों ने रास्ते में तारबंदी कर रास्ते को पन्द्रह फीट रास्ते को पांच फीट का बना दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने की मांग की।


खेतों में तारबन्दी का कार्य शुरु
निवाई. आवारा पशुओं एवं नील गाय से तिलहनी फसलों में होने वाले नुकसान को कम करने के उद्देश्य को लेकर राष्ट्रीय तिलहन एवं ऑयल पॉम मिशन अन्तर्गत कांटेदार तारबन्दी कार्यक्रम के लिए कृषि विभाग की ओर किसानों के खेतो पर तारबन्दी का कार्य शुरू हो गया है।

उपनिदेशक कृषि विस्तार निरजंन सिंह राठौड ने बताया कि जो किसान पूर्व में पत्रावलियों को ऑनलाइन करा चुके है। वरीयता के आधार पर उन किसानों के खेतों पर तारबन्दी का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। लघु एवं सीमान्त श्रेणी के कृषक, जो न्यूनतम आधा हैक्टेयर कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व है,

जिसको अधिकतम 400 मीटर तारबन्दी के लिए 40 हजार रुपए का अनुदान दिया जाएगा तथा इससे कम लम्बाई की तारबंदी पर प्रोरेटा बेसिस पर गणना कर अनुदान दिया जाएगा। सहायक कृषि अधिकारी कजोड़मल गुर्जर ने बताया कि कृषकों के तारबन्दी वाले स्थलों को मौका स्थिति का अवलोकन कर विभागीय मापदण्डों के अनुसार तारबन्दी करने निर्देश दिए है।