टोंक. स्वामी मेघूराम, स्वामी आलूराम एवं स्वामी हुन्दलराम की स्मृति में आयोजित पांच दिवसीय सिंधी मेले का समापन सोमवार को काफला स्थित सिंधी मंदिर में पलव के साथ हुआ। सिंधी समाज के अध्यक्ष गोवर्धन हिरोनी ने बताया कि श्रद्धालुओं ने खुशहाली की दुआएं मांगी।
टोंक. स्वामी मेघूराम, स्वामी आलूराम एवं स्वामी हुन्दलराम की स्मृति में आयोजित पांच दिवसीय सिंधी मेले का समापन सोमवार को काफला स्थित सिंधी मंदिर में पलव के साथ हुआ।
टोंक. स्वामी मेघूराम, स्वामी आलूराम एवं स्वामी हुन्दलराम की स्मृति में आयोजित पांच दिवसीय सिंधी मेले का समापन सोमवार को काफला स्थित सिंधी मंदिर में पलव के साथ हुआ। सिंधी समाज के अध्यक्ष गोवर्धन हिरोनी ने बताया कि श्रद्धालुओं ने खुशहाली की दुआएं मांगी।
मेले में मस्कट, दुबई, अहमदाबाद, आगरा, मुम्बई, जोधपुर, पाली, जयपुर, अजमेर, कोटा, सांभरलेक आदि शहरों से श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम पूज्य सिंधी पंचायत की ओर से स्वामी तुलसीराम के सान्निध्य में हुए।
इस दौरान संत प्रकाश ने कहा कि इंसान सच्चे मन से परमात्मा की भक्ति में लग जाता है, तो उसे भगवान के अलावा और कुछ भी नजर नहीं आता है। उसके आगे दुनिया के सारे दु:ख, तनाव, चिंताएं कुछ भी नहीं है। इस दौरान स्वामी तुलसीदास ने भी विचार व्यक्त किए।
शाम को भजन संध्या हुई। इससे पहले रविवार रात्रि जागरण में गायकों ने भजन प्रस्तुत किए। समापन पर डॉ. दिलीप वाधवानी, डॉ. कैलाश बदलानी, रामचन्द्र मीरचंदानी, कमल गिदवानी, खट्टन मनवानी, शानू सिंधी आदि मौजूद थे।
किया सम्मानित
टोंक . देव डूंगरी मेला समिति तथा ग्राम पंचायत की ओर से मण्डावर गांव में चल रहे मेले का समापन सोमवार को हुआ। सरपंच देवलाल गुर्जर ने बताया कि मेले के तहत प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। घोड़ी दौड़ में प्रथम श्योजी गुर्जर ऊंटीटाना रहे।