जिले में खादय सामग्री खुले में रखकर बेची जा रही है।
टोंक. चिकित्सा महकमा लोगों के स्वास्थ्य को लेकर कितना गम्भीर है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि खुले में खाद्य सामग्री बेचने वालों पर कार्रवाई करना छोडकऱ उपभोक्ताओं को ही सचेत व जागरूक रहने की हिदायत दी जा रही है।
इसमें खुले में रखे कचोड़ी, पकौड़ी, पानीपुरी, डोसा, जलेबी आदि नहीं खाने की सलाह दी गई है। विभाग के मुताबिक गत कई दिनों से जिले में इन दिनों आंधी व बवण्डरों का दौर जारी है।
अंधड़ के चलते धूलकण व इसके साथ घुली गंदगी खुले में रखी खाने-पीने की सामग्रियों में गिर रही है। ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से धूल व मिट्टी से प्रदूषित हुई खादय सामग्री नहीं खरीदने के लिए उपभोक्ताओं को सलाह दे रहा है।
इसके साथ ही खादय सामग्री बेचने में जुटे दुकानदारों से भी धूल व मिटटी में सने व खुले में रखी खाद्य सामग्री नहीं बेचने की हिदायत दी गई है।
माना, खुले में बिक रही खाद्य सामग्री विभागीय अधिकारी भी मान रहे हैं कि जिले में खादय सामग्री खुले में रखकर बेची जा रही है। यह सेहत के साथ खिलवाड़ है।
भीषण गर्मी के दौर में यह शरीर में खतरनाक साबित हो सकती है। विभाग की ओर से खादय सामग्री का कारोबार करने वाले दुकानदारों को लाईसेंस बनवाए व नवीनीकरण कराएं।
इसके अभाव में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत बिना लाइसेंस मिलने पर 6 माह का कारावास व एक लाख रुपए जुर्माना करने का प्रावधान है।
मास्क व रुमाल का करें उपयोग चिकित्सा विभाग की ओर से अपील की गई है कि आंधी से बचे तथा खुले में रखे पदार्थों का सेवन नहीं करें। जिन्हे श्वांस सम्बन्धी समस्याएं हैं, वे खुले में निकलते समय मास्क व रुमाल का उपयोग करना चाहिए।
ठेलों पर बिक रहे कटे फल लेने से बचें चार-पांच दिनों से जिले में आंधी व धूल भरी मिट्टी के गुबार का वातावरण बना हुआ है। ऐसे में खादय सामग्री को गंदगी से बचाए रखना आवश्यक है। उपभोक्ता खुले में मिट्टीयुक्त खाद्य सामग्री नहीं खरीदे व स्वस्थ्य रहे। डॉ. जी. एल. मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी टोंक।