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लीडरशिप कोई टाइटल नहीं है, हम सभी अपने-अपने क्षेत्र में लीडर हैं-विनीता बाली

अध्ययन कर रही छात्राएं आत्मविश्वास, चरित्र, साहस और जीवन मूल्य इन तीन बातों का विशेष ध्यान रखें।
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टोंक

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Rakesh Paliwal

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Updated: 16 Feb 2018, 2:11 PM IST

अवलोकन

निवाई के विद्यापीठ में अवलोकन करती मुख्य अतिथि।

निवाई. वनस्थली विद्यापीठ का विशेष वार्षिकोत्सव आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि विनीता बाली थीं। उन्होंने कहा कि वे विद्यापीठ के संस्थापकों की दूरदर्शिता को नमन करती हैं कि जिन्होंने 83 वर्ष पूर्व महिला शिक्षा को लेकर एक सपना देखा और आज वनस्थली उस सपने का साकार रूप है। ये आज विश्व में महिला शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थाओं में से एक बन गया है।

उन्होंने कहा कि अध्ययन कर रही छात्राएं आत्मविश्वास, चरित्र, साहस और जीवन मूल्य इन तीन बातों का विशेष ध्यान रखें। आगे लीडरशिप को परिभाषित करते हुए कहा कि लीडरशिप कोई टाइटल नहीं है, हम सभी अपने-अपने क्षेत्र में लीडर हैं। लीडर वही है, जिनकी विश्व में उनके कार्य को लेकर पहचान हो।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यापीठ की अध्यक्ष प्रो. चित्रा पुरोहित ने की और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. सिद्धार्थ शास्त्री द्वारा दिया गया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि विनीता बाली का सुबह पारम्परिक स्वागत विद्यापीठ की अध्यक्ष, प्रो. चित्रा पुरोहित, उपाध्यक्ष प्रो. सिद्धार्थ शास्त्री, कुलपति प्रो. आदित्य शास्त्री, सह-कुलपति प्रो. ईना शास्त्री, कोषाध्यक्ष, प्रो. सुधा शास्त्री व छात्राओं की ओर से स्वागत किया गया।

स्वागत द्वार पर वनस्थली सेवा दल के बैंड ने मुख्य अतिथि को सलामी दी। इसके बाद मुख्य अतिथि ने शक्ति स्थल ‘श्रीशांताबाई शिक्षा कुटीर’ का अवलोकन किया। मुख्य अतिथि ने कला मंदिर में छात्राओं एवं देश-विदेश के अग्रणी कलाकारों की चित्रकारी एवं पेटिंग्स का अवलोकन किया। बाद में उन्होंने वीरबाला मैदान में घुड़सवारी एवं मारूत मैदान में फ्लाइंग क्लब की गतिविधियों को देखा।

उन्होंने विद्यापीठ के स्कूल ऑफ ऑटोमेशन, स्कूल ऑफ डिजाइन, जमनालाल बजाज स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज एवं महिन्द्रा ‘विजडम’ का परिदर्शन कर छात्राओं व अध्यापकों से वार्ता की। इसके बाद ज्ञान मंदिर सभागार में नाटयमंचन एवं सुर मंदिर सभागार में संगीत एवं नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। शाम चार बजे ‘विशेष वार्षिकोत्सव’ शुरू हुआ।


निवाई के विद्यापीठ में अवलोकन करती मुख्य अतिथि।त किए गए। शाम चार बजे ‘विशेष वार्षिकोत्सव’ शुरू हुआ।