
रामघणी, आचूकी जैसे चुभते नाम बेटियां स्कूल में बदलवा सकेगी
रामघणी, आचूकी जैसे चुभते नाम बेटियां स्कूल में बदलवा सकेगी
सभी स्कूलों को जारी किए आदेश, अभिभावकों की सहमति होगी जरूरी
टोंक. किसी भी विद्यालय में अध्ययनरत बेटियां अशोभनीय एवं अवांछित नाम पाने से ङ्क्षचतित एवं परेशान रहती है। आत्मसम्मान का ठेस झेलती है। उनके अभिभावकों ने बेटे की चाह में बेटी के जन्म पर प्रतिक्रिया स्वरूप रामघणी, अंतिमा, नाराजगी, फालतू, धापू,आचूकी जैसे नाम देकर विद्यालयों में नामकरण भी करवा दिया। ऐसे नाम बालिकाओं को कुंठित करते है।
अब शिक्षा विभाग ने महिला सम्मान में ऐसे नाम को अत्यंत ङ्क्षचताजनक व गंभीर विषय मानते हुए परिवर्तन की निर्धारित प्रक्रिया करने के आदेश सभी संस्था प्रधानों को दिए है ताकि महिला सशक्तीकरण की दिशा में बेटे-बेटी के भेद को मिटाया जा सके और दूसरा नाम पाकर खुश रह सके।
विगत कई दशकों से सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण , जेंडर संवेदनशीलता बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ जैसे कार्यक्रम चलाकर जनसामान्य को महिला सम्मान के लिए जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। फिर भी कई अभिभावकों द्वारा बेटे की चाह में बेटे के स्थान पर बेटी का जन्म होने पर प्रतिक्रिया स्वरूप बेटियों का नामकरण किस प्रकार किया जाता है जो उसके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाता है।
काउंसलिंग होगी
यही बेटियां जब विद्यालयों में अध्ययन कर रही होती है तो इन्हें इन नामो से कुंठित होना पड़ता है।अभिभावकों द्वारा मिस्डकॉल, नाराजगी , फालतू ,धापू, आचूकी जैसे नाम रखा जाना अत्यंत ङ्क्षचताजनक व गंभीर विषय है।
शिक्षा विभाग ने सभी संस्था प्रधानों को जारी आदेश में बताया गया है कि विद्यालय में अध्ययनरत ऐसी बालिकाएं जिनके नाम वर्णित नामों में से है अर्थात जो नाम बालिकाओं को अनुचित लगते हैं तो उन बालिकाओं के अभिभावकों के साथ काउंसङ्क्षलग कर बालिकाओं के नाम संशोधन की निर्धारित प्रक्रिया की पालना हो सके।
संस्था प्रधान सक्षम स्तर के अधिकारी से नाम परिवर्तन की कार्रवाई अपने स्तर से संपादित कर सकते है। उल्लेखनीय यह है कि केवल नियमित अध्ययनरत छात्राओं का ही नाम संस्था प्रधान अपने माध्यम से संशोधित करवा सकते है।
विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाएं अशोभनीय एवं अवांछित नाम जो आत्मसम्मान को ठेस एवं कुंठित करते है।उनको अभिभावकों एवं बालिका की सहमति से काउंसङ्क्षलग कर निर्धारित प्रक्रिया अपनाकर नाम परिवर्तन करवा सकती है। इसको लेकर आदेश जारी कर सभी संस्था प्रधान को कार्रवाई के निर्देश दिए है।
सुरेश कुमार जैन, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी समग्र शिक्षा टोंक
Published on:
30 Dec 2021 08:54 pm
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