
टोंक के नयागांव डिगारिया में एक समाज की ओर से दलित परिवार की युवती के विवाह में घोड़ी-डीजे से बारात निकालने का विरोध करने पर मंगलवार शाम भारी पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में बारातियों के साथ दूल्हे की निकासी निकलवा तोरणद्वार तक पहुंचाया। हालांकि इस दौरान बुधवार दोपहर तक दूल्हा-दुल्हन व बाराती दो थाना पुलिस व आरएसी जाप्ते के सुरक्षा घेरे में रहे।
पुलिस ने विवाह समारोह से पहले नौ लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। दूल्हा-दुल्हन के विदा होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। शाम को दूल्हा सहित बारात के पहुंचने से पहले नयागांव डिगारिया छावनी में बदल गई।
बारात एवं दुल्हन के परिवार की ओर से आयोजित विवाह समारोह के कार्यक्रम पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में सम्पन कराने के बाद गांव में बारातियों के साथ घोड़ी-बाजे के साथ दूल्हे की निकासी निकाली। देर रात फेरे व बुधवार दोपहर तक हुए कार्यक्रम के बाद दुल्हा-दुल्हन को ज्योतीपुरा मोड़ तक विदाकर पुलिस ने राहत की सांस ली। थानाप्रभारी सरवर खां ने बताया कि दुल्हन के पिता की शिकायत पर गांव के एक समाज के नौ जनों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।
नयागांव डिगारिया निवासी रामस्वरूप बैरवा ने वहीं के पन्द्रह जनों के खिलाफ जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक व देवली एसडीओ को शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि पुत्री के विवाह में घोड़ी-डीजे के प्रयोग करने पर जान से मारने सहित बारात पर हमला कर टेंट जलाने की धमकी दी थी। मौके पर पहुंचे मालपुरा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार व देवली उपाधीक्षक रामसिंह ने दोनो पक्षों से समझाइश की। मौके पर दूनी व घाड़ थानाप्रभारी के निर्देशन में भारी जाप्ता तैनात कर लगातार मामले पर नजर रखे हुए थे। सूचना पर देर शाम लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी ने भी वहां पहुंचकर परिवार व दूल्हा-दुल्हन व मौजूद पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी ली
Published on:
25 Apr 2024 11:48 am
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