
न्यायालय द्वारा जारी आदेशे की पालना नहीं करने पर मुख्य सचिव व जिला कलक्टर सहित सात अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
मालपुरा. उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ ने तिलांजू सरपंच की ओर से दायर याचिका में चरागाह व आबादी भूमि से अतिक्रमण हटाने की याचिका पर न्यायालय द्वारा जारी आदेशे की पालना नहीं करने पर मुख्य सचिव व जिला कलक्टर सहित सात अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
मामले के अनुसार न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकल पीठ ने सरपंच प्रियंका नरूका की ओर से एडवोकेट लक्ष्मीकान्त शर्मा के जरिए दायर याचिका की सुनवाई में अधिकारियों द्वारा आदेशों की अवमानना करने की दलील देने पर पुन: सुनवाई करते हुए अवमानना नोटिस जारी कर दस दिन में जवाब तलब किया है।
याचिका में बताया है कि पंचायत के आबादी व चरागाह भूमि पर अतिक्रमणों को लेकर गत वर्ष पंचायत द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी, जिस पर अदालत ने 7 फरवरी 2018 को आदेश देते हुए जिला प्रशासन को नकारा बता अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए, लेकिन प्रशासन ने अतिक्रमण नहीं हटाए।
इस पर यह अवमानना याचिका दायर की गई है, जिसकी सुनवाई में अदालत ने मुख्य सचिव, राजस्व सचिव, पंचायत राज सचिव, जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीओ व तहसीलदार मालपुरा सहित सात अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
मामले की सुनवाई के बाद राजस्व विभाग के एडवोकेट धर्मेन्द्र पारीक व एएजी अनुराग शर्मा को याचिका की प्रति सौंपने के आदेश देते हुए पक्षकारो से जवाब तलब किया है।
कार्यग्रहण कराने के आदेश
मालपुरा नगरपालिका में संविदा कार्मिक की पालिकाध्यक्ष की ओर से सेवाएं समाप्त कर देने वाली याचिका पर राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ ने संविदाकार्मिक की सेवा समाप्ति के आदेश पर रोक लगाते हुए पालिका अध्यक्ष सपना टेमाणी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ की न्यायाधीश अशोक कुमार गौड़ की एकल पीठ ने ये आदेश वर्ष 2005 से संविदा पर कार्यरत मोहित विजय द्वारा एडवोकेट लक्ष्मीकान्त शर्मा मालपुरा के जरिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
कलक्टर करेंगे मामले की जांच
बंथली. मुगलाना में उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना कर बिना अतिक्रमण हटाए पद एवं अधिकारों का दुरुपयोग कर अतिक्रमी को राहत देने मामले में राजस्व मण्डल अजमेर ने जिला कलक्टर को तत्कालीन दूनी तहसीलदार के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।
तत्कालीन तहसीलदार तेजपाल गोठवाल को मुगलाना स्थित शीतला माता मार्ग के चरागाह से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे, लेकिन तहसीलदार ने आरोपी अतिक्रमी को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से बिना अतिक्रमण हटाए उच्चाधिकारियों को अतिक्रमण हटाने का हलफनामा पेश कर दिया। पीडि़त भगवान धाकड़ की ओर से तहसीलदार के खिलाफ शिकायत करने पर राजस्व मण्डल ने कलक्टर को तहसीलदार के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए।
Published on:
09 Aug 2018 04:31 pm
