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77 विभागों में पड़ा छापा, सौ अधिक कर्मचारी मिले नदारद

सरकारी दफ्तरों में होने वाले काम का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि समय पर अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में नहीं पहुंच रहे हैं। इसका खुलासा बुधवार को प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग के प्रमुख शासन सचिव अश्विनी भगत के निर्देश पर सहायक शासन सचिव के. के. मंगल के नेतृत्व में टोंक आई टीम ने किया।

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77 विभागों में पड़ा छापा, सौ अधिक कर्मचारी मिले नदारद

77 विभागों में पड़ा छापा, सौ अधिक कर्मचारी मिले नदारद

टोंक. शहर के सरकारी दफ्तरों में होने वाले काम का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि समय पर अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में नहीं पहुंच रहे हैं। इसका खुलासा बुधवार को प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग के प्रमुख शासन सचिव अश्विनी भगत के निर्देश पर सहायक शासन सचिव के. के. मंगल के नेतृत्व में टोंक आई टीम ने किया।


टीम ने जब शहर के तमाम विभागों के 77 कार्यालयों का निरीक्षण किया तो उन्हें 21 से 24 प्रतिशत अधिकारी-कर्मचारी नदारद मिले। इसमें 108 कर्मचारी और 17 राजपत्रित अधिकारी शामिल है। के. के. मंगल के नेतृत्व वाली टीम में जांच अधिकारी शिवकुमार सैनी, विष्णुदत्त शर्मा, मोहम्मद वकील और हेमपाल गुर्जर थे। उन्होंने शहर के तमाम विभागों के कार्यालय में निरीक्षण किया। उनका निरीक्षण समय सुबह साढ़े 9 से साढ़े 10 बजे तक चला।

तब तक उन्हें 450 में से 108 कर्मचारी और 78 में से 17 राजपत्रित अधिकारी पंजीका में अनुपस्थित मिले। राज्य स्तरीय निरीक्षण टीम के कार्यालय में पहुंचने पर हलचल हो गई। उन्हें कुल कार्मिकों में से 21.79 राजपत्रित अधिकारी और 24 प्रतिशत कर्मचारी पंजीका में अनुपस्थित मिले। इन अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

वहीं निरीक्षण के दौरान सामने आया कि उपस्थिति पंजिकाएं निर्धारित प्रारूप में नहीं थी। कार्यालयों में सी.एल. रजिस्टर का संधारण किया भी नहीं किया जा रहा था। इसके अलावार कार्यालयों में मूवमेंट पंजीका का अभाव भी पाया गया।

निरीक्षण दल की ओर से सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज परिवाद व शिकायतों के संबंध में विभागीय स्तर पर पर किए गए निस्तारण का भौतिक सत्यापन भी गुणवत्ता के दृष्टिकोण से किया जाएगा ताकि, विभिन्न विभागों द्वारा शिकायत के संबंध में की गई कार्यवाही व क्रियान्विति की गुणवत्ता का परीक्षण किया जा सके। इसके अलावा उक्त टीम विभिन्न विभागों में लम्बित विधानसभा प्रश्न, आरटीआई आवेदन व विविध लम्बित प्रकरणों आदि का भौतिक निरीक्षण भी करेगी।


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