
टोंक. मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल
टोंक. मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल के प्रसव कक्ष में पुरुषों का बेधडक़ वर्षों से जारी है। इतना होने के बावजूृद अस्पताल प्रशासन आंखे मूंदे हुए है। बेझिझक पुुरुषों के प्रवेश पर प्रसव पीड़ा से छटपटा रही प्रसूताओं को दर्द के बीच शर्म का घूंघट निकालना पड़ रहा है।
ड्यूटी पर कार्यरत नर्सेज का कहना हैं कि परेशानी उस समय अधिक होती है तब पुरुषों को वार्ड से निकलने को कहा जाता हैं। बाहर निकाले जाने पर पुरुष समेत अन्य परिजन सुविधा शुल्क का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों के पास पहुंच जाते हैं।
इसके साथ ही जनाना वार्ड में कुशलक्षेम पूछने आ रहे रिश्तेदारों व परिजनों की फौज भी प्रसूताओं का दर्द बढ़ा रही हैं। प्रसव कक्ष में पुरुषों के प्रवेश पर सख्ती की मांग करते हुए वार्ड में भर्ती प्रसूताओं व परिजनों से पत्रिका के साथ यूं जताई पीड़ा।
दिनभर रहता है जमावड़ा
जनाना वार्ड में भर्ती मेहंदवास निवासी प्रियंका ने बताया कि प्रसव कक्ष में रात के दौरान महज एक नर्सेज की ड्यटी रहती आई है। ऐसे में भर्ती प्रसूता के साथ आए पुरुष जानकारी लेने या फिर अन्य कार्य से प्रसव कक्ष में बेझिझक घुसकर यहां से वहां घूम जाते है।
नर्सेज की कोई नहीं मानता
डारडातुर्की गांव से आई प्रसूता परवीन की सास जहुरा का कहना है कि महिला चिकित्साकर्मी की कोई नहीं सुनता। उन्हें भर्ती हुए चार दिन बीत गए, हर समय प्रसव कक्ष में पुरुषों की आवाजाही लगी रहती है।
राहत के बजाय बांट रहे संक्रमण
प्रसव कक्ष के साथ ही जनाना वार्डों में भी दिन भर परिजनों व परिचितों लोगों की भीड़ रहती है। यह कहना है कि शिवाड़ निवासी एवं भर्ती विजयलक्ष्मी का। उसने बताया कि भर्ती प्रसुताओं के साथ बैठे लोग उन्हें राहत के बजाय दर्द दे रहे है।
प्रसव से ही फुर्सत नहीं
वार्ड में भर्ती पांसरोटिया निवासी दुलारा ने बताया कि प्रसव का भार अधिक होने के साथ स्टाफ की कमी है। ऐसे प्रसव कक्ष से पुरुषों को बाहर निकालने की बात कहने पर नर्सेज का रटारटाया जवाब है कि वे प्रसव कराएं या फिर परिजनों, परिचितों की भीड़ को बाहर निकाले।
Published on:
11 Jun 2018 07:52 am
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