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तीन जिलों की जल्द प्यास बुझाएगा ईसरदा बांध, रामगढ़ को भी करेगा आबाद

टोंक जिले से गुजर रही बनास नदी पर बन रहे ईसरदा बांध से सवाईमाधोपुर और दौसा के बाद अब रामगढ़ बांध जयपुर तक भी पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए पहले 130 किलोमीटर लम्बा सर्वे होगा। इसके बाद डीपीआर तैयार की जाएगी।  

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तीन जिलों की जल्द प्यास बुझाएगा ईसरदा बांध, रामगढ़ को भी करेगा आबाद

तीन जिलों की जल्द प्यास बुझाएगा ईसरदा बांध, रामगढ़ को भी करेगा आबाद

टोंक/बनेठा. दौसा और सवाईमाधोपुर के गांव-शहरों तक पानी पहुंचाने के लिए ईसरदाबांध का निर्माण दिन-रात जारी है। अब तक 60 प्रतिशत निर्माण हो चुका है। वहीं अब ईसरदाबांध से 130 किलोमीटर दूर जयपुर के रामगढ़ बांध में भी पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए सर्वे और डीपीआर तैयार की जाएगी। यह सब होने के बाद जयपुर का रामगढ़ बांध एक बार फिर पानी से लबालब होगा।

ईसरदाबांध के निर्माण से टोंक और पीपलू क्षेत्र की जमीन में जहां जल स्तर बढ़ेगा। वहीं किसानों को भी इससे लाभ होगा। इसके अलावा सवाईमाधोपुर व दौसा जिले के 1079 गांवों के लोगों का पेयजल मिलेगा। ईसरदा बांध निर्माण का कार्य प्रथम चरण में 1038.65 करोड़ की वित्तिय स्वीकृति के बाद 2019 से चल रहा है।

2008 में बना कच्चा बांध था:
पेयजल परियोजना के तहत ईसरदा बांध निर्माण को लेकर ईसरदा काफर बांध का कार्य 2008 में 40 करोड़ की लागत से पूर्ण कर लिया गया था। इसके बाद मुख्य बांध का कार्य वनभूमि परिवर्तन मुआवजा राशि वितरण व बजट आवंटन प्रक्रिया की कार्य शिथिलता के चलते ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।


वर्ष 2019 से बांध निर्माण कार्य की प्रक्रिया फिर से शुरू हुई। मुख्य बांध में 28 ब्लॉक में नींव निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया है। वर्तमान में 28 में से 10 ब्लॉक अधिकतम भराव क्षमता 262 आरएल मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गए हैं। इनमें सील बीम कार्य जारी है। वहीं 28 में से 21ब्लाक में गेट के लिए प्रारभिक कार्य चल रहा है।

ऊपरी सतह पर सभी ब्लॉक में कार्य किया जा रहा है। बांध की देखरेख व निरीक्षण के लिए बांध के अण्डरग्राउण्ड में गलैरी बनाई गई है। ताकि रिसाव व अन्य परिस्थिति में बांध की जांच की जा सके। इसमें 27 ब्लॉक तक का कार्य पूर्ण कर लिया है। अनावश्यक पानी संग्रहण के लिए दो कुएं भी बनाए जाने हैं।

अर्थन डेम का कार्य जारी

बांध की सुरक्षा को लेकर बांध के निकट अर्थन डेम मिट्टी बांध का कार्य शुरू हो गया है, जिसमें खुदाई व प्रथम स्तर का कार्य चल रहा रहा है। पानी के चलते चैनलों के माध्यम से बनेठा की तरफ कार्य किया जा है। कंक्रीट बांध व मिट्टी बांध के जुड़ाव बिन्दू पर कुछ जगह प्रथम स्तर की कंक्रीट की जा चुकी है। यह कच्चा बांध बैरवाओं की ढाणी से रायपुरिया होकर मुख्य बांध तक प्रस्तावित है।

यह गांव होंगे प्रभावित

ईसरदा मुख्य बांध निर्माण कार्य में सवाईमाधोपुर जिले के रायपुर, ईसरदा चौकड़ी व सोलपुर गांव प्रभावित होंगे। वहीं टोंक जिले के बनेठा, संग्रामपुरा, चूरिया, करीरिया, मंडावर, अरनिया केदार व बिठोला गांव प्रभावित होंगे।

-ईसरदा बांध परियोजना का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष कार्य तीव्रगति से प्रगति पर है। गेटो को लेकर यान्त्रिकी कार्य जारी है। प्रथम चरण के शेष कार्य के लिए निर्माण अवधि सितंबर 2023 से बढ़ाकर अगस्त 24 तक पर दी गई है। रामगढ़ बांध जयपुर मे 130 किमी पानी ले जाए जाने को लेकर ईआरसीपी से सर्वे के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी।
जितेंद्र लुहाडिया, अधीक्षण अभियंता ईसरदा बांध परियोजना


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