17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

video: कार्तिक पूर्णिमा पर सूरज की पहली किरण के साथ सरोवरों में लगाई डुबकी, बनास व तालाबों में दीपदान कर सुनी कहानी

कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं ने पवित्र दह में डुबकी लगाकर स्नान किया। दह के तट पर दीपदान किया।

2 min read
Google source verification
दीपदान

कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं ने पवित्र दह में डुबकी लगाकर स्नान किया। दह के तट पर दीपदान किया।

राजमहल . बीसलपुर बांध के करीब गोकर्णेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शनिवार सुबह महाआरती के साथ कार्तिक पूर्णिमा मेले की शुरुआत हुई। इस दौरान निकटवर्ती गांवों सहित कोटा , बूंदी, अजमेर , भीलवाड़ा, सवाईमाधोपुर आदि से हजारों श्रद्धालु पहुंचे।

कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं ने पवित्र दह में डुबकी लगाकर स्नान किया। दह के तट पर दीपदान किया। मेले के दौरान गोकर्णेश्वर महादेव मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ व जगह के अभाव से देवली व टोडारायसिंह मार्ग पर जाम के हालात रहे।

लोकगीतों से गूंजी बनास

बीसलपुर में कार्तिक मेले के दौरान श्रद्धालु चूरमा बाटी बनाने में व्यस्त नजर आए तो कई जगह अलगोजों की धुनों पर लोग थिरकते दिखाई दिए। महिलाओं के अलग-अलग दल राजस्थानी लोकगीत गाते हुए मंदिर व दह के तट पर पहुंचे। इससे दिनभर पवित्र दह के घाट व बनास नदी लोकगीतों से गुंजायमान रही।

टोंक. कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर शनिवार को बड़ी संख्या में महिलाओं व युवतियों ने शनिवार अलसुबह ही बनास नदी व सरोवरों पर पहुंच महास्नान किया। इस मौके पर दीपदान कर कहानी सुनी।। ग्रामीण क्षेत्रों से भी कई महिलाएं महास्नान के लिए पुष्कर, गोवर्धनजी, माण्डकला, बीसलपुर बांध व जोधपुरिया आदि स्थानों के लिए रवाना हुई।

इससे पहले मंदिरों में पूजा- अर्चना की गई। महिलाएं पूर्णिमा के अंतिम स्नान को लेकर बनास नदी स्थित नए पुल पर पहुंची तथा दीपदान किया। इसके बाद मंदिरों में परिक्रमा कर घर में सुख-समृद्धि व पति की दीर्घायु की कामना की।

पूर्णिमा पर सजाई झांकी
दूनी ञ्च पत्रिका. देवपुरा मार्ग स्थित सत्यनारायण भगवान मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा को झांकी सजाई गई। पुजारी कमलेश कुमार पारीक ने बताया कि सत्यनारायण भगवान की श्वेत वस्त्रों से झांकी सजाई गई। इस दौरान सत्यनारायण कथा श्रवण कर प्रसाद वितरित किया गया। कार्तिक पूर्णिमा को अमरनाथ मंदिर, रणछोड़ नाथ मंदिर, चारभुजानाथ मंदिर में भी झांकी सजाई गई।

भक्तों की पुकार पर दौड़े आते हैं प्रभु
देवली. भक्तों की करुण पुकार सुनकर परमात्मा दौड़े चले आते हैं, लेकिन यह तभी सम्भव है, जब भक्त पूर्ण समर्पण भाव से स्वयं को परमात्मा को समर्पित करे। यह बात ज्योति कॉलोनी में चल रही भागवत कथा ज्ञान यज्ञ कथा वाचक पंडित विष्णु दत्त शास्त्री ने कही। इस दौरान उन्होंने वराह अवतार का वर्णन व परीक्षित जन्म व सुकदेव जन्म की कथा का प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान कई महिलाओं ने भाव विभोर होकर नृत्य किया।