
माशी बांध की नहरों से 6985 हैक्टेयर जमीन पर रबी की फसल में होगी सिंचाई, रविवार को होगी जल वितरण कमेटी की बैठक
पीपलू (रा.क.)। रबी की फसल में सिंचाई के लिए माशी बांध की जल वितरण कमेटी की बैठक रविवार को शाम 4 बजे पीपलू के डाक बंगला में जिला कलेक्टर किशोरकुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित होगी। जलसंसाधान विभाग के एईन अशोककुमार जैन ने बताया कि माशी बांध से पीपलू क्षेत्र में गहलोद तक 42.18 किलोमीटर लम्बी मुख्य नहर व 9 वितरिकाएं बनी हुई है, जिनकी लंबाई 28 .6 5 किमी हैं।
जिनमें पानी छोड़े जाने को लेकर जल वितरण कमेटी के अध्यक्ष व सदस्यों से वार्ता की जाएगी। माशी बांध के भरने से इस बार नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। इससे क्षेत्र की 6 98 5 हैक्टेयर जमीन पर रबी की फसल में सिंचाई होगी।
नहरों की कराई मरम्मत
माशी बांध की नहरों में पानी छोड़े जाने से पूर्व मरम्मत व सफाई कार्य चल रहा हैं। इसके लिए 1.97 लाख रुपए में नहरों की सफाई करवाते हुए मिट्टी निकाले जाने का कार्य किया जा रहा हैं।
माइनरों की मरम्मत कार्य शुरू
उनियारा. उपखण्ड क्षेत्र के गलवा बांध से किसानों की रबी की फसलों की सिंचाई को लेकर नहरों एवं माइनरों की मरम्मत एवं सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियन्ता गजानन्द सामरियां ने बताया कि अविृष्टि से बांध का नहरी तंत्र भी कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गया।
विभाग ने बांध के कमाण्ड क्षेत्र के किसानों की रबी की फसल की सिंचाई को लेकर नहरों की मरम्मत एवं सफाई के लिए समय से कार्य योजना तैयार कर बजट उपलब्ध करवाने के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा जहां से 19 कार्यों के लिए स्वीकृति जारी की गई। उन्होंने बताया कि स्वीकृति आने पर निविदाएं आमंत्रित कर सम्बन्धित ठेकेदारों को कार्यादेश जारी कर दिए गए। साथ ही उनकी बैठक लेकर उन्हें अविलम्ब कार्य कर शीघ्र निपटाने के निर्देश भी दिए गए।
जामड़ोली के मुख्य रास्ते में फैला कीचड़
निवाई. जामड़ोली गांव के मुख्य रास्ते में फैले कीचड़ से हमेशा रास्ते में पानी भरा रहने से राहगीरों को आने-जाने में परेशानी हो रही हैं। इस संदर्भ में पंचायत प्रशासन को ग्रामीणों कई अवगत कराया गया, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य केन्द्र, बैंक व बौंली जाने वाले रास्ते में कीचड़ होने से वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को काफ ी परेशानी उठानी पड़ रही है।
रात्रि के समय अंधेरा होने के कारण कई बार लोग कीचड़ में फि सल कर गिर जाते है। कीचड़ युक्त पानी भरे रहने से यहां मच्छर भी पनप रहे हैं। समस्या के बारे में लोगों ने पंचायत प्रशासन सरपंच व सचिव को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
Published on:
02 Nov 2019 02:19 pm
बड़ी खबरें
View Allटोंक
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
