2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मां अपनी होती ना पराई, मां तो सिर्फ मां होती है, नवजात को भूखे देख जाग रही पन्नाध्याय की ममता

टोंक. एक मां ही होती है, जो दूसरे के लाल को भी भूखा नहीं देख सकती। मां क्या होती है, यह मां से बढक़र कोई नहीं समझ सकता।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

टोंक

•

image

Kamal Bairwa

•

Updated: 14 May 2018, 12:39 PM IST

दूधदान

टोंक में मदर्स डे पर दूधदान करने वाली माताओं को सम्मानित करते अतिथि।

टोंक. एक मां ही होती है, जो दूसरे के लाल को भी भूखा नहीं देख सकती। मां क्या होती है, यह मां से बढक़र कोई नहीं समझ सकता। यही कारण है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल में संचालित आंचल मदर मिल्क बैंक शिशुओं के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। प्रतिदिन कई माताएं ‘पन्नाधाय’ बनकर दूध से वंचित शिशुओं को नवजीवन दे रही है।

आंकड़े बताते है कि डेढ़ वर्ष में ही 1678 माताएं दूधदान कर दूसरों के 1401 शिशुओं को लाभान्वित कर चुकी है। इसके साथ ही यहां एकत्र 1500 यूनिट दूध दो बार में अजमेर भी भेजा जा चुका है। शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से चिकित्सा विभाग की ओर से जिला चिकित्सालयों में मदर मिल्क बैंक का निर्माण कराया गया है।

टोंक में इसका संचालन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल में किया जा रहा है। गत वर्ष 24 फरवरी से शुरू हुए मदर मिल्क बैंक में एकत्र दूध से कुपोषित व मां की ममता से वंचित शिशु का जीवन संवर रहा है। प्रतिदिन कई माताएं मदर मिल्क बैंक पहुंचकर दूधदान करने आगे आ रही है।

मिल रहा मां का आंचल
दूसरे के लाल का जीवन बचाने के लिए मां की ममता जाग रही है। यही कारण है कि प्रतिदिन कई माताएं मदरमिल्क बैंक पहुंचकर दूधदान करने में रुचि दिखा रही है। चिकित्सकोंं के मुताबिक ऐसे शिशु जो स्तनपान नहीं कर पाते। जिनके होठ कटे-फटे हो। इसके साथ ही जन्म के साथ माता का निधन होने, कम अवधि में जन्मे शिशु को मदर मिल्क बैंक दूध उपलब्ध करा रहा है। इससे बच्चें को मां का आंचल तो मिला ही है, मां भी सुकून महसूस कर रही है।

दो बार अजमेर भी भेजा जा चुका
मदर मिल्क बैंक से अब तक दो बाद दूध अजमेर भी भिजवाया जा चुका है। इसमें एक बार 500 यूनिट व दूसरी बार एक हजार यूनिट दूध शामिल है। इसका कारण है कि काउंसलर संगीता, डोनर रूम इंचार्ज मीना चौधरी, लैब इंचार्ज अनिता नामा व बैंक मैनेजर सुनिता चौधरी धात्री महिलाओं को समय-समय पर दूधदान करने के लिए प्रेरित कर रही है। इसके चलते बड़ी संख्या में सरकारी अस्पताल समेत निजी अस्पतालों से धात्रिया मदर मिल्क बैंक पहुंचकर दूधदान करने पहुंच रही है।