इन मछलियों की मांग अधिक
जानकारी के अनुसार एक मछली एक बार में हजारों अंडे देती हैं। अंडे देने के दौरान मत्स्य विभाग की ओर से मत्स्य आखेट पर रोक लगाई जाती है। विदेशी व फार्मी मछली के तौर पर टाइगर, कोमलकार, सिल्वर, सिलोन, गिलासकार आदि प्रजाति की मछलियां पाई जाती है। जिनका बीज विभाग व ठेकेदार की ओर से डाला जाता है। मंडियों में इनके दाम देशी की अपेक्षा कम लगते हैं। सिंघाड़ा, लैची, बाम, समल आदि होती है, जिसमें कांटे कम होने से अधिक दामों पर बिकती है।