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लोगों को पानी के लिए करनी पड़ रही है मशक्कत

उनियारा (पलाई). पलाई ग्राम पंचायती की उदासीनता व अनदेखी के चलते कस्बे के लोगों को पानी के लिए भटकना पड रहा है।

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टोंक

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Kamal Bairwa

Jul 13, 2018

 इंतजार

उनियारा के पलाई में सार्वजनिक नलकूप पर बारी का इंतजार करती महिलाएं।

उनियारा (पलाई). पलाई ग्राम पंचायती की उदासीनता व अनदेखी के चलते कस्बे के लोगों को पानी के लिए भटकना पड रहा है। गांव के मोहम्मद रफीक, शाहरुख खान, रामकिशन धाकड़, ताराचंद आदि ने बताया कि नलों 7-8 दिन में एक बार पानी आता है। इसके साथ ही तेजाजी मन्दिर परिसर में लगी सार्वजनिक मोटर तीन-चार दिन से खराब हो जाने के कारण तेजाजी परिसर में बनी हुई 50 हजार लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी व मवेशियों के पानी की खेल सूखी पड़ी है।

ग्रामीणों ने इस बारे में पंचायत प्रशासन को अवगत कराया, इसके बावजूद आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। ऐसे में महिलाओं को पानी भरने के लिए हैण्डपंपों व सार्वजनिक स्रोतों पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

नाला बन रहा लोगों के लिए मुसीबत
टोंक. छावनी से जयपुर रोड स्थित मराठा कॉलोनी के समीप नई कॉलोनी से गुजर रहा नाला लोगों के लिए मुसीबत बन रहा है। ये खुला होने से इसमें आए दिन लोग गिर रहे हैं। वहीं सफाईनहीं होने से मच्छर आस-पास के लोगों को बीमारियां दे रहे हैं।
यहां रहने वाले चन्द्रकला गुर्जर, मोहनलाल, सुरेन्द्र आदि ने बताया कि कॉलोनी के समीप से बड़ा कदमी नाला गुजर रहा है।

इस नाले में छावनी, बस स्टैण्ड समेत एक दर्जन कॉलोनियों का पानी आता है। नगर परिषद ने इसकी सफाईपर ध्यान नहीं दिया। ऐसे में ये गंदगी से अट गया है। वहीं इसकी छपाई भी नहीं कराई गई है। ऐसे में खुले नाले में लोग रोज गिर रहे हैं। गंदगी के चलते पनप रहे मच्छर लोगों को बीमारियां दे रहे हैं। इसकी शिकायत नगर परिषद आयुक्त तथा सभापति से की है। साथ ही सांसद को भी नाले को बंद कराने के लिए अवगत कराया गया है।

दुर्घटना का कारण बन रहे गहरे गड्ढे
निवाई. झिलाय में सीदंरा पुलिया के पास कजोड़ कुम्हार के मकान के सामने निवाई-बौंली मार्ग पर सार्वजनिक निर्माण विभाग की अनदेखी व उदासीनता के चलते जगह-जगह गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए जोखिम साबित हो रहे है। चौथमल माहुर ने बताया कि उक्त मार्ग टोंक, जयपुर एवं सवाई माधोपुर तीन जिलों को जोडऩे वाला है, जिस पर प्रतिदिन करीब दस हजार वाहनों का आवागमन रहता है।

जमना प्याऊ से भरथला मोड़ तक सडक़ मार्ग गहरे गड्ढों में तब्दील होने से दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। समस्या के बारे में सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं प्रशासन को भी अवगत कराया गया, लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया।