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Bisalpur Dam: पिंकसिटी की लाइफलाइन बीसलपुर बांध के चप्पे- चप्पे पर निगरानी, हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात

जयपुर की लाइफलाइन बीसलपुर डेम की शासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। डेम के कैचमेंट एरिया व आसपास के इलाके में पीटी जेड व सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। पुलिस के हथियारबंद जवानों को भी तैनात किया गया है।

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Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर समेत 5 शहरों की लाइफलाइन बीसलपुर बांध को हमले की आशंका के चलते प्रशासन ने सुरक्षा घेरे में लिया है। बांध के कैचमेंट एरिया और आसपास के क्षेत्र में हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है और बांध पर पल पल पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी और पीटी जेड कैमरे भी लगा गए हैं।

पीटी जेड व सीसीटीवी कैमरों से निगरानी

जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ रहे तनाव के बाद कई शहरों में अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के कई प्रमुख बांधों पर भी सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी हुआ है। जल संसाधन विभाग के आलाधिकारियों ने बांध क्षेत्र का जायजा लिया है। जिसके बाद बांध के कैचमेंट एरिया समेत आसपास पीटी जेड और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी बढ़ाई गई है।

पुलिस के हथियारबंद जवान भी तैनात

प्रशासन ने बांध की सुरक्षा के लिए कैचमेंट एरिया समेत आस पास के इलाकों में ह​थियारबंद पुलिसकर्मी तैनात किए हैं। कैचमेंट एरिया के आसपास पुलिस को वाहनों से गश्त करने के निर्देश भी दिए हैं। कैचमेंट क्षेत्र में जल संसाधन विभाग के कार्मिकों के अलावा अन्य लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षाकर्मियों को पहचान पत्र देखने के भी निर्देश दिए गए हैं। निजी हथियारबंद सुरक्षा गार्ड भी आसपास के क्षेत्र में तैनात किए गए हैं।

पांच शहरों की प्यास बुझा रहा बीसलपुर बांध

राजस्थान के टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध राजधानी जयपुर समेत दौसा,टोंक, अजमेर और भीलवाड़ा ​समेत सैंकड़ों गांवों और कस्बों की रोजाना प्यास बुझा रहा है। इस कारण बांध पर सुरक्षा के इंतजाम प्राथमिकता में शामिल कर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी कैचमेंट एरिया में तैनात किए गए हैं।

फैक्ट फाइल

बीसलपुर बांध परियोजना बांध का 1985 में हुआ था शिलान्यास
1987 में बांध का शुरू हुआ निर्माण 1996 में बांध बनकर तैयार 832 करोड़ रुपए आई लागत
जल भराव क्षमता315.50 आरएल मीटर कुल जल भराव क्षमता 38.708 टीएमसी पानी का होता है भराव
अब तक सात बार बांध ओवरफ्लो
2004 में निर्माण के बाद पहली बार गेट खुले
2006 में दूसरी बार छलका बांध
2014 में तीसरी बार खोले गए गेट
2016 में भी बांध के खुले गेट
2019 में बांध के 17 गेट खोले
2022 में भी छलका बांध
2024 में इस बार सातवीं बार छलका डेम

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