
प्रिंस बारवाल। फोटो: पत्रिका
टोंक। निवाई उपखंड क्षेत्र के गांव मूंडिया निवासी प्रिंस बारवाल ने संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा में 401वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है। प्रिंस की सफलता की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई और ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।
प्रिंस बारवाल ने बताया कि उनके पिता बद्रीलाल बारवाल का कभी आरएएस में चयन नहीं हो सका था। पिता की इस अधूरी आकांक्षा ने ही उनके भीतर एक मजबूत संकल्प पैदा किया। उन्होंने तभी तय कर लिया था कि वे एक दिन यूपीएससी में सफलता हासिल कर परिवार का सपना पूरा करेंगे। यही संकल्प उनकी तैयारी की सबसे बड़ी प्रेरणा बना।
प्रिंस की प्रारंभिक शिक्षा जयपुर के निजी विद्यालयों में हुई। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय विद्यालय से आगे की पढ़ाई पूरी की। स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी को लक्ष्य बनाकर तैयारी शुरू कर दी। बेहतर मार्गदर्शन और माहौल के लिए वे दिल्ली चले गए, जहां रहकर उन्होंने पूरी लगन और अनुशासन के साथ अध्ययन किया।
प्रिंस ने बताया कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने पूरी तरह अध्ययन को प्राथमिकता दी। वे लंबे समय तक दिल्ली में रहे और दीपावली सहित कई प्रमुख त्योहारों पर भी घर नहीं आए। इतना ही नहीं, घर आने पर भी उन्होंने कई करीबी मित्रों की शादियों और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने से परहेज किया, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।प्रिंस के पिता बद्रीलाल बारवाल एलआईसी में कार्यरत हैं। उनकी बहन श्रेया बिजली विभाग में कार्यरत हैं, जबकि छोटा भाई लक्ष्य बीएससी की पढ़ाई कर रहा है।
Published on:
07 Mar 2026 02:56 pm
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