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Rajasthan: पटरी से उतरी गांवों में स्वास्थ्य सेवा… योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ

राजस्थान के टोंक जिले के लांबाहरिसिंह सहित क्षेत्र में चिकित्सा विभाग के अनदेखी से गांवों में चिकित्सा सेवा पटरी से उतर गई है।

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उपखंड के लांबाहरिसिंह सहित क्षेत्र में चिकित्सा विभाग के अनदेखी से गांवों में चिकित्सा सेवा पटरी से उतर गई है। राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय पर शत प्रतिशत दवाइयां उपलब्ध नहीं है और आयुर्वेदिक औषधालय पर चिकित्सक पद रिक्त पड़ा है वहीं राजकीय आयुर्वेदिक देवल में कार्यरत चिकित्सक लंबे समय से प्रति नियुक्ति पर चले जाने के कारण पद रिक्त होने के कारण सप्ताह में तीन दिन ताले लटके रहते हैं।

इससे ग्रामीणों को मुख्यमंत्री दवा वितरण योजना का लाभ नहीं मिल रहा है जिससे मरीज को निजी चिकित्सकों को मोटी रकम खर्च करवाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। आयुर्वेदिक ब्लॉक प्रभारी अधिकारी बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि लांबाहरिसिंह वरिष्ठ चिकित्सक पद रिक्त पड़ा है। देवल में चिकित्सक प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण कांटोली में कार्यरत चिकित्सक को सप्ताह में तीन दिन प्रतिनियुक्ति पर लगाया है। कंपाउंडर परिचारक पद रिक्त है। आंटोली में कंपाउंडर और परिचारक व झाड़ली में परिचारक का पद रिक्त है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी कमलेश माली ने बताया कि कुहाड़ा उप स्वास्थ्य केंद्र पर एएनएम का पद रिक्त है।

चांदी कूट रहे नीम हकीम

गांवों में चिकित्सा के नाम पर से नीम हकीम मरीज का उपचार कर जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। झोलाछाप खुले में काउंटर लगा चिकित्सक बन मरीजों को झांसा देकर जान जोखिम में डाल खुले में मोटी रकम वसूल रहे हैं।

संस्थागत प्रसव सुविधा बंद

आठ उप स्वास्थ्य केंद्रों पर जननी से राहत नहीं मिल रही है। संस्थागत प्रसव सुविधा बंद पड़ी है। जबकि पूर्व में केंद्रों पर प्रसव सुविधा संचालित थी। ऐसे में प्रसुताओं को लंबी दूरी तय कर प्रसव कराने पर विवश होना पड़ रहा है।

सुविधाओं का अभाव: राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय लांबाहरिसिंह, आटोली, झाड़ली, कांटोली, मोरला में शौचालय का अभाव है। राजकीय उप स्वास्थ्य केंद्र रूपाहेली में शौचालय का अभाव है। मौसमी बीमारियों से रोगियों की संया में लगातार इजाफा हो रहा है। राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय पर दवाइयों का टोटा है। बीते चार महीनों से खांसी की दवा उपलब्ध नहीं है।

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जिले की मांग के अनुरूप अजमेर से औषधियां नहीं मिल रही है। रिक्त पदों को भरने का सरकार का कार्य है। बैंडेज खरीद कर जल्द उपलब्ध करवा दी जाएगी।

- ललित शर्मा, उपनिदेशक, आयुर्वेदिक विभाग टोंक

जल्द दवाइयां भिजवा कर मरीजों को राहत दिलवा दी जाएगी। केंद्रों पर प्रसव सुविधा भी शुरू करवा दी जाएगी। अधिकारी को 20 हजार रुपए भेज रखे हैं, दवाइयां खरीद सकते हैं, ताकि मरीज को लाभ मिल सके।

-अशोक यादव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, टोंक

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