
देवली.उच्च न्यायालय के आदेश पर देवली गांव सरपंच मंजू देवी का निलंबन आदेश स्थगित कर दिया गया है।
देवली.उच्च न्यायालय के आदेश पर देवली गांव सरपंच मंजू देवी का निलंबन आदेश स्थगित कर दिया गया है। इसके चलते सरपंच पुन: पंचायत कार्यों में भाग ले सकेगी। उल्लेखनीय है कि गत 7 फरवरी को पंचायतरात विभाग के संयुक्त सचिव ने आदेश जारी कर देवली गांव पंचायत सरपंच मंजू देवी को निलंबित किया था। सरपंच निलंबन का कारण चुनाव के दौरान फर्जी शैक्षणिक योग्यता लगाना था। तब से सरपंच निलंबित चल रही थी।
इसके बाद सरपंच ने राजस्थान उच्च न्यायालय में रिट पीटिशन दायर की। इसमें बताया कि याचिकाकर्ता पर केवल पुलिस चालान प्रस्तुत किया गया है, जिसमें आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत जांच हुई। सरपंच को गलत तरीके से पंचायतराज अधिनियम की धारा 38 के तहत निलंबित किया है। जबकि अधिनियम 1994 की धारा 38 (4) के तहत निलंबित नहीं किया जा सकता है। इस पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने बुधवार को सरपंच का निलंबन स्थगित कर दिया।
इसके चलते शुक्रवार को कार्यवाहक सरपंच पद के मनोनयन की प्रक्रिया भी निरस्त हो गई है। निलंबन के बाद कलक्टर ने सरपंच पद पर आरक्षित श्रेणी की महिला वार्ड पंच को सरपंच का अतिरिक्त चार्ज देने का आदेश जारी किया था। विकास अधिकारी कुशलेश्वर सिंह का कहना है सरपंच का निलंबन स्थगित हो गया है। उधर, सरपंच व उनके समर्थकों ने निलंबन स्थगन के बाद मिठाई बांटकर खुशियां मनाई।
मालपुरा. हत्या के मामले में अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश विनोद कुमार गिरी ने शुक्रवार को एक आरोपित को आजीवन कारावास व 50 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। मामले के अनुसार 23 अगस्त 2015 को डिग्गी श्रीकल्याणजी के आने वाली लक्खी पदयात्रा के मेले के दौरान जयपुर रोड पर एमिनेंट कॉलेज के पास स्थित भण्डारे के बाहर धौलपुरा थाना बस्सी के लालूराम मीणा व कैलाश मीणा वार्ता कर रहे थे।
इस बीच बड़ागांव भाटियान विश्वकर्मा जयपुर निवासी शंकर पुत्र गुल्लाराम मीणा ने पास में चल रही यात्रियों के भोजन के लिए चल रही भट्टियों में से शंकर ने एक लोहे का पलटा लाकर उससे कैलाश के सिर पर मार दिया। इससे कैलाश गम्भीर घायल हो गया। इसको इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मालपुरा लाया गया, जहां इलाज के दौरान कैलाश की मौत हो गई।
इस पर लालूराम मीणा ने डिग्गी थाने में आरोपित शंकर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया। मामले में अपर लोक अभियोजक अवधेश चौधरी की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों पर अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश विनोद कुमार गिरी ने आरोपित को आजीवन कारावास व 50 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
Published on:
25 Feb 2018 04:42 pm
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