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खुशबू घोलने लगी मुंह में जायका

टोंक. दीपावली के नजदीक आने के साथ ही बाजार मिठाइयों की खुशबू से महकने लगे हैं। व्यापारी भी त्योहारी सीजन को देखते हुए विशेष मिठाइयां तैयार करा रहे हैं। शहरी समेत ग्रामीणों को सूखे मेवे से बनी मिठाइयां खास तौर से भा रही है।

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टोंक में मिठाई बनाने में जुटे दुकानदार।

टोंक. दीपावली के नजदीक आने के साथ ही बाजार मिठाइयों की खुशबू से महकने लगे हैं। व्यापारी भी त्योहारी सीजन को देखते हुए विशेष मिठाइयां तैयार करा रहे हैं।

शहरी समेत ग्रामीणों को सूखे मेवे से बनी मिठाइयां खास तौर से भा रही है।

सवाईमाधोपुर चौराहा स्थित मिष्ठान भण्डार संचालक राजेन्द्र सिंह का कहना है कि काजू व अन्य सूखे मेवों से बनी मिठाइयोंं का चलन है।

दुकानों पर काजू कतली, कटलस, मैसूर पाक, सिल्की, बादाम पिन्नी आदि मिठाइयां लोगों की पसंद बनी हुई है।

इसके अलावा स्पेशल अंजीर, अखरोठ बर्फी, बंगाली मिठाई, मावा चमचम, देशी घी से बनी मंूग दाल बर्फी, बेसन बर्फी, बालूशाही आदि मिठाई तीन सौ से तीन सौ चालीस रुपए किलो तक उपलब्ध है।

हालांकि काजू कतली व इससे बनी मिठाइयों के भाव अधिक हैं।

भा रही नमकीन

दुकानदार चतुरदास व मोतीदास राका ने बताया कि नमकीन व भुजिया भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।

दुकानों पर कई प्रकार की नमकीन लोगों को लुभा रही हैं। इनमें लोंग व लहसुन से बनी नमकीन, भुजिया, दाल मोठ, अंजीरी मिक्स नमकीन शामिल है।

ड्राई फ्रूट का क्रेज भी बढ़ा

पिछले कुछ वर्षों से दीपावली व अन्य बड़े त्योहारों पर मावे की मिठाई के बदले ड्राई फ्रूट की ओर भी लोगों का रुझान बढ़ा है।

दीपावली के दो दिन पहले तक भी देखने में आया कि अधिकतर कर्मचारी व अधिकारियों ने इस बार मावे से बनी मिठाइयों के बदले ड्राई फू्रट देने में रूचि दिखाई।

मावे में मिलावट होने की आशंका के चलते ड्राई फ्रूट लोगों की पसंद बन गया है। लोग दीपावली व अन्य त्योहारों पर मिठाइयों का डिब्बा देना उचित मानते थे।

वहीं अब ड्राई फ्रूट को तरजीह दी जा रही है। बाजार में ड्राई फू्रट की पैकिंग व स्पेशल टोकरियां दो सौ से पांच सौ रुपए तक आसानी से उपलब्ध है।

इसमें बादाम, काजू, अखरोट, किशमिश, आमरा, बादाम, नमकीन पिस्ता आदि शामिल है।

खाद्य अधिकारियों के मुताबिक जिले में मिठाई की 300 दुकानें है। गत वर्ष इनमें ढाई से तीन करोड़ रुपए का कारोबार हुआ था।

सूरज साहू, समेत अन्य दुकानदारों का मानना है कि इस वर्ष दीपोत्सव पर तीन से साढ़े तीन करोड़ रुपए तक के कारोबार की उम्मीद है।