
Rajasthan Bypoll: टोंक जिले की मोहमदपुरा ग्राम पंचायत के अमीरगंज के ग्रामीणों ने मंगलवार को मंदिर के पास धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी करते हुए मतदान के बहिष्कार की घोषणा की। ग्रामीणों ने इस संबंध में गांव में मतदाताओं को मतदाता पर्चियां वितरित करने आए बीएलओ श्योनारायण गुर्जर की ओर से पर्चियां भी नहीं ली गई है। इससे बीएलओ को मतदाता की पर्चियां बिना वितरण किए लौटना पड़ा। इसकी सूचना बीएलओ श्योनारायण गुर्जर ने पटवारी अजय कुमार बैरवा, सुपरवाइजर ओमप्रकाश चोपदार को दी। इधर, ग्रामीणों ने बताया कि मोहमदपुरा ग्राम पंचायत के अमीरगंज गांव के लोगों का आने जाने का यही एक मात्र रास्ता है।
बरसात के दिनों में या हल्की बारिश होने के बाद रास्ते में पानी भर जाता है। इससे मार्ग बंद हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि अमीरगंज गांव से ग्राम पंचायत मोहमदपुरा मुयालय और कोटड़ी चौराहे आने वाले लोगों को बरसात के महीने में काफी दिक्कत होती है। आने जाने के लिए मात्र यही एक रास्ता है। इसकी शिकायत कई बार सांसद, विधायक और उनियारा एसडीएम से की गई। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता है, तब तक वे मतदान करने नहीं जाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि एक किलोमीटर मीटर रास्ते पर डामरीकरण नहीं हुआ तो इस बार वोट नहीं डालेंगे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्या नहीं सुनी जाती है। जिले की देवली-उनियारा विधानसभा के 13 नवंबर को उपचुनाव होने जा रहा है। विधानसभा क्षेत्र के गांव अमीरगंज में ग्रामीणों की समस्याएं सामने आ रही है।
2007-08 में बनी थी सड़क: ग्रामीणों ने बताया कि अमीरगंज गांव में वर्ष 2007-2008 में सड़क का निर्माण करवाया गया था। इसमें गांव से पहले करीब एक किलोमीटर का टुकड़ा खातेदारी की भूमि में होने के कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। जिससे सार्वजनिक निर्माण विभाग के सबंधित ठेकेदार ने सड़क नहीं बनाई थी। इस जगह पर एक पक्ष के खातेदार ने स्टे लगा दिया था। जिस वजह से आज तक यह एक किलोमीटर टुकड़ा अधूरा पड़ा हुआ है।
यह बोले पटवारी: इस सबन्ध में मोहमदपुरा पटवारी अजय कुमार बैरवा ने बताया कि अमीरगंज गांव के लोगों का रास्ते का मामला है। रास्ते की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार कर रहे हैं। उनसे गांव में जाकर नायब तहसीलदार ने समझाइश की है। गांव जाकर फिर ग्रामीणों से समझाइश करेंगे।
अमीरगंज के हनुमान सैनी, मुकेश सैनी, नरसिंह सैनी, राजेश सैनी, ओमप्रकाश माली, सोराज माली, बाबूलाल, रामकिशन आदि का कहना है कि गांव में करीब 200 मतदाता है। इस गांव के एक किलोमीटर इस कच्चे रास्ते पर बारिश के दिनों में चार महीने तक आने जाने में बड़ी समस्या रहती है। बाइक, ट्रैक्टर, कारें, फिसल जाती है। जिनको अन्य साधनों से टोचन कर निकलवाया जाता है। बाकी का दो किलोमीटर का रास्ता भी अब टूट चुका है। बीस सालों से किसी ने भी गांव की सुध नहीं ली है।
Published on:
06 Nov 2024 11:58 am
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